गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे सहित 3400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया शिलान्यास,जहां भी घूमने जाएं अपने यात्रा खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें : प्रधानमंत्री मोदी



 

ऋषिकेश/ केदारनाथ /बद्रीनाथ 21 अक्टूबर। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सीमा पर स्थित उत्तराखण्ड के माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं – माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच107बी) शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने माणा गांव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये गये स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि माताओं व बहनों ने बहुत अच्छा काम किया है। पैकेजिंग वगैरह में मन प्रसन्न हो गया। प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड काल में कोरोना की वैक्सीन पहाड़ों तक पहुंचाई गई। इसमें उत्तराखण्ड और हिमाचल में बेहतर काम किया गया। गरीब कल्याण योजना में उत्तराखण्ड के लाखों लोगों को लाभ मिला। डबल इंजन सरकार ने होम स्टे और स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को जोड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को एनसीसी से जोड़ रहे हैं। विकास कार्यों में तेजी आई है। पर्यटन का विस्तार हो रहा है। जल जीवन मिशन से गांवों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है। मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी प्रदान करने के लिये काम किया जा रहा है। सागरमाला, भारतमाला की तरह अब पर्वतमाला परियोजना पर काम होने जा रहा है। रोपवे पर बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए। विकास जीवन का उत्साह होना चाहिए। जो कभी गांव छोड़कर गये है, उनका वापस लौटने का मन करे, हमें ऐसे जिंदा गांव बनाने हैं।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो मेरे लिये भी सीमाओ पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। पहले जिन इलाकों को देश के सीमाओं का अंत मानकर नजर अंदाज किया जाता था, हमने वहां से देश की समृद्धि का आरंभ मानकर शुरू किया। लोग माणा आएं , यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयाग किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि माणा गांव से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृति बताते हुए कहा कि आज से 25 वर्ष पहले जब वह उत्तराखण्ड में भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे एक अनजाने जीवन के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे तो उस समय उनके द्वारा माणा में उत्तराखण्ड भाजपा कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी, तो मेरे कार्यकर्ता नाराज भी हुए थे इतने दूर इतनी मेहनत से जाना पड़ेगा। तब मेरे द्वारा कहा गया कि जिस दिन हमारे दिल में माणा गांव का महत्व पक्का हो जायेगा ना उस दिन उत्तराखण्ड की जनता के दिल में महत्व बन जायेगा। और उसी का परिणाम है, माणा गांव की मिट्टी की ताकत है आप सभी का आशीर्वाद है। माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दुबारा सेवा करने का मौका मिला है।

*21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का*

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन बाबा केदार और बाबा बद्रीविशाल के दर्शन करके उनका आर्शीवाद प्राप्त करके जीवन धन्य हो गया है तथा यह पल पल मेरे लिये चिरंजीवी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के सानिध्य में, बाबा के आदेश से, बाबा के कृपा से पिछले बार जब मैं आया था तो कुछ शब्द मेरे मुंह से निकले थे कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का है। मैं आप सभी को बताना चाहुंगा कि वह शब्द मेरे नही थे, वे शब्द बाबा के आर्शीवाद से मेरे मुख से निकले थे। आज मैं आप सभी के बीच इन नई परियोजनाओं के साथ फिर वही संकल्प दोहराने आया हू।

*विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ, अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए प्रयास*

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ है, पहला अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए हर संभव प्रयास। उत्तराखण्ड इन दोनो ही स्तम्भों को मजबूत कर रहा है। आज मुझे दो रोपवे के शिलान्यास का मौका मिला है। इससे केदारनाथ जी और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करना और आसान हो जायेगा। इन रोपवे से काम करने वाले लोगों पर देश के 130 करोड़ लोगों का आर्शीवाद बरसने वाले हैं। श्रमिकों और एंव इंजिनियरों से बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वे भगवान का काम कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इन काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह किया।

*आस्था के केंद्र हमारे लिये प्राणशक्ति*

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी की मानसिकता ने लोगों को ऐसा जकडा हुआ है कि प्रगति का हर कार्य कुछ लोगों को अपराध की तरह लगता है। विदेशों में संस्कृति से जुड़े ऐसे कार्यों की तारीफे की जाती थी और भारत में नहीं। गुलामी की मानसिकता ने हमारी पूजनीय आस्था स्थलों को जर्जर स्तर पर ला दिया था। दशकों तक हमारे धार्मिक स्थलों की अवहेलना हुई। आस्था के यह केन्द्र सिर्फ ढ़ांचा नही बल्कि हमारे लिये यह प्राणशक्ति है। वह हमारे लिये ऐसे शक्तिपूंज है जो कठिन से कठिन परिस्थतियों में भी हमें जीवंत बनाये रखते हैं। आज अयोध्या, काशी, उज्जैन अपने गौरव को पुनः प्राप्त कर रहे है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को श्रद्धा के साथ आधुनिकता से जोडा जा रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है, गुजरात के पावागढ़ में मां काली के मंदिर से लेकर देवी विंध्यांचल कोरिडोर तक भारत अपने सांस्कृतिक उत्थान का आह्वान कर रहा है। आस्था के इन स्थलों पर पहुंचना, हर श्रद्धालु के लिए सुगम एवं आसान हो गया है। विश्वास है कि देश की नई पीढ़ी के लिए भी यह श्रद्धा का आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। अब हमारे दिव्यांग साथी भी दर्शन कर रहे हैं। गिरनार में जब रोपवे बनाया तो 80 साल के बुजुर्ग भी यात्रा करने लगे, कई लोगों ने मुझे चिटठी भेज कर धन्यवाद दिया।

*आस्था केंद्रों के पुनर्निर्माण से पहाड़ में ईज ऑफ लिविंग*

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की देवभूमि, इस परिवर्तन का साक्षी बन रहे हैं। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले एक सीजन में ज्यादा से ज्यादा 5 लाख श्रद्धालु आया करते थे अब इस सीजन में यह संख्या 45 लाख हो गई है। आस्था और आध्यात्मिकता के पुनर्निमार्ण का एक और पक्ष है। पहाड़ के लोगों के ईज ऑफ लिविंग का, उनके रोजगार का, जब पहाड़ में रोड, रेल और रोपवे पहुंचते तो अपने साथ रोजगार लेकर आते हैं और पहाड़ का जीवन भी शानदार, जानदार और आसान बना देते हैं। अब तो हमारी सरकार ड्रोन का उपयोग सामान ढोने में भी करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहाड़ के लोगों को अपने फल और सब्जी बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें आदरणीय प्रधानमंत्री जी जैसे महामुनि का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। जिनके विचारों से सम्पूर्ण विश्व लाभान्वित हो रहा है। साथ ही हमें गर्व है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम उस महान यात्रा के सहयात्री हैं जिस यात्रा का गंतव्य भारत को पुनः विश्व गुरू बनाना है। प्रधानमंत्री जी एक तपस्वी की भांति किस प्रकार से नए भारत के निर्माण की अग्नि को सफलतापूर्वक प्रज्जवलित किये हुये हैं। उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से विश्वास दिलाता हूं कि इस महायज्ञ की सफलता के लिए जिस भी आहुति की आवश्यकता होगी उत्तराखंड उसके लिए सदैव तत्पर रहेगा। हम उत्तराखंड को ’’उत्कृष्ट उत्तराखंड’’ बनाने के ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री जी ने सदैव उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता दी है और उनके नेतृत्व में उन्नति और उत्थान की एक अभूतपूर्व गाथा देवभूमि में लिखी जा रही है। वर्ष 2013 की उस अति भयावह त्रासदी के बाद का, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सर्वप्रथम आपने ही उत्तराखंड की सहायता के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरोद्वार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुर्ननिर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या हाल ही में राष्ट्र को समर्पित श्री महाकाल लोक हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा तथा प्रधानमंत्री जी के दिशानिर्देशों के अनुसार की गई तैयारियों के कारण इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान 4 करोड़ शिव भक्तों को हरिद्वार से गंगा जल ले जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ तथा अभी तक 45 लाख भक्तों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग किया है। इस वर्ष की कावड़ यात्रा व चारधाम यात्रा कई अर्थों में ऐतिहासिक रही हैं।सदियों से तिरस्कृत किये गये अपने तीर्थ क्षेत्रों को विकसित और आधुनिक बना रहे हैं, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरोत्थान का कालखंड है। आधुनिकता के संतुलित समावेश के साथ आज सनातन संस्कृति का वैभव पुनर्जीवित हो रहा है तथा भारत पुनः विश्वगुरु के स्थान पर स्थापित हो समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के समक्ष जो भी समस्याएं हैं उनके समाधान के लिये सभी विश्व शक्तियां भारत की ओर देख रही हैं तथा भारत की नीतियों का अनुसरण कर रही हैं।
यह प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है कि कोरोना की गंभीर मार के बावजूद आज भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल मजबूत बनी हुई है बल्कि कई विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन भी कर रही है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, सामरिक मोर्चे पर भी बेहद स्पष्ट है। आज किसी दुश्मन की हिम्मत नहीं है कि वो भारत की तरफ आंख उठा कर भी देख ले। आज जहां एक ओर सेना आधुनिक हथियारों से सुसंपन्न हो रही है, सैनिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं वहीं दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में धीरे-धीरे भारत की भूमिका आयातक की जगह निर्यातक की बन रही है। सेना के इस सशक्तिकरण से हमारा उत्तराखंड सर्वाधिक लाभान्वित हुआ है। आज सेना में अपनी सेवा दे रहा देवभूमि का प्रत्येक जवान इस बात से निश्चिंत है कि उसके परिवार का ख्याल रखने के लिए देश व प्रदेश में डबल इंजन की राष्ट्रवादी सरकारें हैं।

प्रधानमंत्री जी, का यह कथन कि ‘‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा’’ हमें एक नए उत्साह और ऊर्जा से भर देता है। एक तरफ जहां यह हमें गर्व की अनुभूति कराता है वहीं दूसरी तरफ यह हमें हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध हैं। हमने राज्य को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए ’’विकल्प रहित संकल्प’’ का मूलमंत्र अपनाया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ले0ज0 श्री गुरमीत सिंह (से.नि.), कैबिनेट मंत्री डा0 धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय सांसद श्री तीरथ सिंह रावत, उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

*शिलान्यास की गई परियोजनाओं का विवरण*

3400 करोड़ रुपये से अधिक की रोपवे और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया। जिनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं भी शामिल थी। केदारनाथ रोपवे लगभग 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। हेमकुंड रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा। यह लगभग 12.4 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को एक दिन से कम करके केवल 45 मिनट तक सीमित कर देगा। यह रोपवे घांघरिया को भी जोड़ेगा, जो फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। इन दोनों रोपवे को लगभग 2430 करोड़ रुपये की संचयी लागत से विकसित किया जाएगा। यह परिवहन का एक पर्यावरण अनुकूल साधन होगा, जो आवागमन को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा। इस अहम बुनियादी ढांचे का विकास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी और साथ ही साथ रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं – माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच107बी) तक – सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक और कदम साबित होंगी। कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के अलावा, ये परियोजनाएं रणनीतिक दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होंगी।

उत्तराखंड में बांधों की सुरक्षा के होंगे उचित इंतजाम महाराज ने नहरों के जीर्णोद्धार हेतु मानकों में शिथिलीकरण हेतु सौंपा पत्र सिंचाई मंत्री ने किया डैम सेफ्टी गवर्नेस कार्यशाला में किया प्रतिभाग



देहरादून/नई दिल्ली 17जून।  प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा केंद्रीय जल आयोग के माध्यम से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के प्रावधानों के बारे में संवेदनशील बनाने व बांध सुरक्षा शासन पर विचार मंथन करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग किया।

प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, पंचायतीराज, संस्कृति, धर्मस्व, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम प्रबंधन मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा केंद्रीय जल आयोग के माध्यम से भारत में “डैम सेफ्टी गवर्नेंस” पर आधारित एक कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग किया। केंद्र सरकार द्वारा 14 दिसंबर 2021 को डैम सेफ्टी एक्ट, 2021 की अधिसूचना जारी की गई जो कि 30 दिसंबर 2021 से प्रभावी हो चुका है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि डैम सेफ्टी एक्ट का मुख्य उद्देश्य बांधों के उचित निरीक्षण, संचालन एवं रख-रखाव के द्वारा बांध के टूटने से उत्पन्न आपदाओं की रोकथाम हेतु एक संस्थागत ढांचा एवं तंत्र उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में डैम सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा गठित की जाने वाली कमेटी National Committee on Dam Safety (NCDS) की गतिविधियों पर मंथन किया गया। यह कमेटी डैमों की सुरक्षा हेतु आवश्यक नीतियों तथा नियमों की स्तुति करेगी। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों के विचारों एवं उपयोग की गई तकनीकों के आदान-प्रदान हेतु कार्य करेगी। प्रचलित डैम निर्माण, इनके संचालन गतिविधियों में परिवर्तन और पुराने हो रहे डैमो के पुनर्वास की आवश्यकता हेतु सुझाव देगी।

उन्होंने बताया कि डैम सेफ्टी एक्ट, 2021 धारा 11(2) के अनुसार समस्त राज्य सरकारों को अधिनियम में निहित प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से एक्ट प्रभावी होने की तिथि से 180 दिन के भीतर State Committee on Dam Safety (SCDS) और State Dam Safety Organization (SDSO) का गठन करना आवश्यक है। उत्तराखंड सरकार ने डैम सेफ्टी एक्ट, 2021 निहित प्रावधानों के अनुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए 2 मई 2022 को State Committee on Dam Safety (SCDS) एवं State Dam Safety Organization (SDSO) का गठन तय सीमा के अंतर्गत कर दिया है। वर्तमान में उत्तराखंड राज्य में लगभग 30 मुख्य बांध हैं, इसके गठन के पश्चात राज्य में बांधों के उचित निरीक्षण, संचालन एवं रख-रखाव हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा सकेगी तथा बांधों की सुरक्षा का उचित इंतजाम सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कार्यशाला के दौरान सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने पीएमकेएसवाई हर खेत को पानी योजना के अंतर्गत पूर्व गाइड लाइन ₹2.50 लाख प्रति हेक्टेयर लागत की सीमा को बढ़ाकर ₹ 4.00 लाख जाने पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त करते हुए उन्हे एक पत्र सौंप कर प्रदेश में 2010 एवं 2013 मैं आई भीषण दैवीय आपदा से राज्य में निर्मित 3069 नहरों में से 300 से अधिक क्षतिग्रस्त होने की वजह से चालू नहीं हो पाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएमकेएसवाई हर खेत को पानी योजना के अंतर्गत पर्वतीय राज्यों हेतु Surface Minor Irrigation Schemes के माध्यम से नहरों के पुनरुद्धार, जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण तथा विस्तारीकरण की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान किए जाने हेतु मानकों में परिवर्तन या शिथिलीकरण किया जाए।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपे एक अन्य पत्र के माध्यम से उनसे अनुरोध किया कि जमरानी बांध परियोजना पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराए जाने हेतु प्रस्तावित परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहत सिंचाई) के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की जाये ताकि राज्य को परियोजना का समय से लाभ प्राप्त हो सके।

कार्यशाला में जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कर्नाटक के मंत्री गोविंद एम. करजोल, अरुणाचल के मंत्री मामा नटुंग, मेघालय के मंत्री प्रेस्टन तिनसोंग, गुजराज के मंत्री रुशिकेश गणेशभाई पटेल, बिहार के मंत्री संजय कुमार झा, गोवा के मंत्री सुभाष ए. शिरोडकर, उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और तमिलनाडु सरकार के मंत्री थिरु दुरई मुरुगन आदि मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी भरा ईमेल मिला एनआईए को, ई-मेल में 20 बड़े शहरों पर हमला कर दो करोड़ लोगों को जान से मारने की भी दी धमकी, सुरक्षा एजेंसी जुटी जांच में



ऋषिकेश/ दिल्ली 2 अप्रैल। पीएम मोदी को जान से मारने ओर देश के 20 बड़े शहरों में 20 किलो RDX से धमाके होने की धमकी भरा एक ईमेल नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की मुंबई ब्रांच को मिला है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईमेल के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी दी गई है। एनआईए ने ये डिटेल अब दूसरी एजेंसियों को भेजी है। मेल में लिखा है कि प्रधानमंत्री पर 20 किलोग्राम आरडीएक्स से हमला करने की योजना है।

इधर, इसे लेकर महाराष्ट्र की सरकार ने भी जांच के आदेश दिए हैं. महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने 1 अप्रैल को कहा कि राज्य की पुलिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरा होने का दावा करने वाली ई-मेल की सत्यता की जांच करेगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी संगठनों ने अपने नापाक मकसद को पूरा करने के लिए 20 स्लीपर सेल का गठन भी किया है। ई-मेल में आतंकियों से संपर्क का दावा किया गया है।

ईमेल करने वाले में ई-मेल में लिखा है कि Hello Everyone… मेरे पास 20 किलो RDX है. 20 बड़े अटैक की प्लानिंग की है. ये सभी 20 अटैक 20 बड़े शहरों में होंगे. मैं मोदी को जल्द से जल्द मारना चाहता हूं. उसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है. मैं किसी को भी नहीं छोड़ूंगा. मैं 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को मारूंगा. मैं कुछ टेररिस्ट से मिला हूं. वे आरडीएक्स में मदद करने जा रहे हैं. मुझे खुशी है कि मुझे बहुत आसानी से बम मिल गए हैं और अब मैं हर जगह विस्फोट करूंगा … मैंने इसकी योजना बनाई है. 28 फरवरी से 20 स्लीपर सेल सक्रिय हो जाएंगे और लाखों लोग मारे जाएंगे. इंशाअल्लाह..।

इस ईमेल में कितनी सच्चाई है. या बिल्कुल ही अफवाह है. इन सभी बातों की जांच शुरू हो गई है. ये पता लगाया जा रहा है कि इस ईमेल को कहां से भेजा गया है और किसने भेजा है. ये भी पता लगाया जा रहा है. ईमेल के अनुसार, हमले की प्लानिंग बन चुक है. अब एनआईए ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस के सहारे उसके बारे में पता लगा रही है।

देश में बढ़ते पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव अपने पुराने बयानों पर पत्रकार द्वारा पूछे गए सवालों पर बुरी तरह भड़के , पढ़िए क्या कहा बाबा रामदेव ने पत्रकार को, और जानिए कहां हुआ यह मामला



ऋषिकेश/ हरिद्वार 31 मार्च। देश में बढ़ती पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर हरिद्वार पतंजलि के योग गुरु बाबा रामदेव पत्र द्धारा पत्रकार के पूछे गए सवाल को लेकर नाराज होने का वीडियो  वायरल हो रहा है ।

जिसमें वह बुरी तरह भड़के रे दिखाई दे रहे हैं। एक पत्रकार जब उनसे उनके पुराने बयानों का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सवाल पूछता है ।तो रामदेव ने पत्रकार को चुप हो जाने की हिदायत देते हुए कहते हैं- क्या पूंछ उखाड़ लेगा मेरी? तुम्हारे (मीडिया के) प्रश्नों के उत्तर देने का कोई ठेका ले रखा है मैंने? कर ले क्या कर लेगा। चुप हो जा। आगे कुछ पूछेगा तो ठीक नहीं। हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के वीसी और पूर्व पत्रकार ओम थान्वी ने रामदेव के भड़कने का वीडियो रीट्वीट करते हुए उनकी भाषा पर सवाल उठाया है।

वाकया हरियाणा के करनाल का है। बाबा रामदेव अपने दोस्त अभेदानंद से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की। इसी दौरान एक पत्रकार ने जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर उनसे सवाल किया तो वह भड़क गए। इस सवाल से पहले उसी पत्रकार ने उनसे पूछा था कि आजकल लोग आपको योगगुरु के बजाय लालदेव क्यों कहने लगे हैं। इस पर रामदेव ने कहा कि तेरे पेट में क्यों दर्द हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा केंद्र सरकार ने नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण योजना की अवधि छह महीने के लिए ओर बढ़ाई, 5 किलो राशन प्रति व्यक्ति प्रति माह फिर से मिलेगा, 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मिलेगा लाभ



ऋषिकेश दिल्ली 26 मार्च। केंद्र सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी पीएमजीकेएवाई  को इस साल सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण योजना पीएमजीकेएवाई की अवधि छह महीने के लिए बढ़ाई है. अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सितंबर 2022 तक जारी रहेगी।

गौरतलब है कि साल 2020 से ही केंद्र सरकार की ओर से इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा मार्च 2020 में की गई थी. शुरू में यह योजना अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर, 2021 और 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया था।

महिला ने बेटे की चाहत में अपनी दो माह की बेटी को उतारा मौत के घाट, कलयुगी मां ने जघन हत्याकांड छिपाने को लिए मासूम को डाला माइक्रोवेब ओवन में



ऋषिकेश/दिल्ली 22 मार्च।  राष्ट्रीय राजधानी  से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक कलयुगी मां ने अपनी ही दो माह की मासूम बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। गला दबाकर हत्या के बाद महिला ने मासूम को ओवन में डाल दिया। मां की बर्बरता के कारण जान गंवाने वाली मासूम का शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। घटना दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र के चिराग दिल्ली गांव की है।

जानकारी के मुताबिक चिराग दिल्ली गांव में एक महिला ने बेटे की चाहत में अपनी दो माह की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी महिला ने शव को घर की छत पर पड़े एक माइक्रोवेब ओवन में छिपा दिया। परिजनों ने बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। घर में तलाशी के दौरान बच्ची अनन्या कौशिक का शव मिला। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर मालवीय नगर थाने की पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।

फिलहाल पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक गुलशन कौशिक अपने परिवार के साथ चिराग दिल्ली गांव में रहते हैं। परिवार में पत्नी डिंपल कौशिक के अलावा चार साल का बेटा और दो माह की बेटी अनन्या कौशिक थी। गुलशन की मां और भाई भी उनके साथ ही रहते हैं और घर के नीचे ही किराने की दुकान चलाते हैं।

पुलिस के मुताबिक 21 मार्च को करीब 3.15 बजे चिराग दिल्ली गांव से एक बच्ची के गायब होने की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बच्ची की दादी घर में बच्ची की तलाश कर रही थी। घर में तलाशी के दौरान दूसरे तल पर खराब पड़े एक माइक्रोवेब ओवन में बच्ची का शव पड़ा मिला। दादी ने बच्ची का शव निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी और बच्ची के माता-पिता को हिरासत में ले लिया।

पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद महंगाई का खेल हुआ शुरू, गैस सिलेंडर में ₹50 उछाल के साथ डीजल और पेट्रोल के दामों में भी हुई बढ़ोतरी, इंधन महंगा होने से खाद्य पदार्थों में भी होगी बढ़ोतरी



ऋषिकेश /दिल्ली 22 मार्च । पूरे देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो गए इसी के साथ ही सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों की घोषणा होने के तुरंत बाद आज इंधन की कीमतों में उछाला आ गया है।  जिससे खाद्य पदार्थों की कीमत में भी बढ़ोतरी होगी । जिसका सीधा सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवार की जेब पर महंगाई की मार के रूप में होने वाला है। 

बताते चलें 137  दिनों के बाद आज देश में एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं. बढ़े हुए दाम की बात करें तो डीजल और पेट्रोल दोनों पर 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।जबकि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹50 का उछाल आया है। पेट्रोल ,डीजल, गैस की कीमतों में आए उछाल से खाद्य पदार्थो की कीमतों में भी असर पड़ सकता है जिससे उनकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी। 

उत्तराखंड भाजपा संगठन ने दिल्ली में बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहे सभी विधायकों को अपने चुनाव क्षेत्र में लौटने के दिए निर्देश, केंद्रीय नेताओं से मेल मुलाकातों के बहाने पार्टी संगठन में हो रही है लॉबिंग



संगठन के  निर्देश के बाद दिल्ली में भाजपा विधायकों की दौड़ होगी बन्द,

चुनाव के बाद विधायकों में किसी के सीएम बनने की तू किसी के मंत्री बनने की है तमन्ना,

ऋषिकेश 16 मार्च। भाजपा संगठन द्वारा मुख्यमंत्री की कुर्सी तय होनी बाकी है परंतु मुख्यमंत्री पद  के लिए  दिल्ली की परिक्रमा कर रहे बिन बुलाए नेताओं पर बीजेपी संगठन ने तत्काल रोक लगाते हुए उन्हें वापस देहरादून जाने का आदेश दिया है ।

पार्टी सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड की राजनीति में अपना अहम स्थान रखने वाले विधायक मुख्यमंत्री के लिए अपनी दावेदारी पेश करना शुरू हो गए थे जिसके लिए लगातार दिल्ली में डेरा डाले हुए थे , दिल्ली में नेताओं की लगती हुई भीड़ और बिना वजह के गणेश परिक्रमा कर रहे नेताओं को संगठन ने देहरादून की राह दिखा दी है ।

जिसके बाद जीते हुए विधायक उत्तराखंड का रुख करना शुरू हो गए हैं , पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया था जिसमें मुख्यमंत्री नहीं कि राज्य की स्थिति को लेकर विचार-विमर्श होता था लेकिन उत्साहित विधायक अपने क्षेत्र में तो प्रोपेगेंडा चला रहे थे साथ ही दिल्ली पहुंच कर स्पेशल पॉलिटिक्स का भी काम कर रहे थे जिस पर बीजेपी संगठन ने तुरंत ही नेताओं को उत्तराखंड की राह दिखा दी।

अनिल बलूनी बन सकते हैं उत्तराखंड प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, कार्यवाहक मुख्यमंत्री धामी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात



ऋषिकेश 16 मार्च। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के लिए नया नाम लगभग तय हो गया है। मुख्यमंत्री की दौड़ में चल रहे उत्तराखंड भाजपा के दिग्गज नेताओं को पीछे करते हुए राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी उत्तराखंड प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

सूत्रों की माने तो राजनाथ सिंह और मीनाक्षी लेखी ने ब्राह्मण विधायकों के दबाव में हाईकमान ने यह फैसला लिया है और अनिल बलूनी को पीएम और गृहमंत्री का करीबी माना जाता है।सूत्रों के अनुसार की 20 तारीख को अनिल बलूनी के नाम का एलान हो सकता है।

मंगलवार देर शाम कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संग सियासी चर्चा हुई। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व के साथ चुनाव नतीजों के बाद की समीक्षा की। मंगलावर शाम को कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी राज्यसभा सांसद बलूनी के साथ संसद भवन स्थित केंद्रीय गृह मंत्री शाह के दफ्तर पहुंचे।

आपको बताते चले की पिछली विधानसभा में जब तीरथ सिंह रावत के बाद मुख्यमंत्री का चुनाव होना था तब उस रेस में भी अनिल बलूनी का नाम सबसे आगे था लेकिन उस समय अनिल बलूनी के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके नाम पर विराम लग गया था लेकिन सूत्रों की माने तो इस बार अनिल बलूनी का नाम मुख्यमंत्री कि रेस में सबसे उपर है।

यूक्रेन में फंसे ऋषिकेश विधानसभा के 6 छात्र को भारत लाने की कवायद हुई तेज, भारत सरकार द्वारा आज रात दो फ्लाइटों के जरिए यूक्रेन से छात्रों को लाएगी भारत



ऋषिकेश 25 फरवरी।  रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के हालातों में यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड वासियों को स्वदेश लाने की कवायत तेजी से चल रही है वही ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के 6 छात्र भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं ।

बताते चलें यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए भारत से बहुत संख्या में छात्र  जाते हैं ।

भारत सरकार द्वारा आज रात्रि को दो फ्लाइटों के द्वारा यूक्रेन से  कुछ छात्रों का दस्ता भारत में लाया जाएगा।

जिसमें संभावना की जा रही है कि ऋषिकेश के छात्र भी शामिल हो सकते हैं। 

यूक्रेन में शिक्षा ले रहे ऋषिकेश विधानसभा के छात्रों के लिऐ राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में है एवं भारत सरकार सहित राज्य सरकार यूक्रेन में रह रहे लोगों को सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 

 यूक्रेन में फंसे ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के परिजनों से राज्य सरकार के प्रतिनिधि दूरभाष पर संपर्क में है।

ऋषिकेश विधानसभा से यूक्रेन में फंसे छात्रों के नाम इस प्रकार है

 1 मधुलता रयाल पुत्री मधुसूदन रयाल निवासी श्यामपुर,

2 तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल त्यागी निवासी गंगानगर गली नंबर 9

3 जिया बलूनी पुत्री राकेश बलूनी निवासी निकट सोमेश्वरनगर ,

4 प्रिया जोशी पुत्री प्रदीप चंद्र जोशी निवासी गंगानगर

5 मनोज चौहान पुत्र वीर सिंह चौहान निवासी खैरी खुर्द श्यामपुर

6 एवं हरि सिंह पुंडीर पुत्र राम सिंह पुंडीर निवासी गौहरीमाफी रायवाला

 सभी छात्रों के परिजनों को सरकार द्वारा हर संभव मदद कर घर वापसी का आश्वासन दिया गया है।