द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती हुए गोलोकगमन, जयराम आश्रम के परमअध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने समर्पित की भावपूर्ण विन्रम श्रद्धांजलि



ऋषिकेश नरसिंहपुर/भोपाल  11 सितंबर। : शारदा पीठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का 99 साल की उम्र में निधन हो गया है।उन्होंने अंतिम सांस मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में ली।

द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का 99 साल की उम्र में निधन हो गया है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आश्रम में दोपहर 3:00 बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपना जन्मदिन धूमधाम के साथ मनाया था। उनका जन्म 2 सितंबर 1924 में हुआ था और वह द्वारका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने शंकराचार्य के निधन पर दुख व्यक्त कर अपनी शोक संवेदना प्रकट की है। इसी कड़ी में भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और जयराम आश्रम के परमा अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी एवं महामंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज परमार्थ आश्रम हरिद्वार ने भी शंकराचार्य के निधन पर शोक प्रकट किया है।

जयराम आश्रम के परम अध्यक्ष और भारतीय साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने अपनी भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी महाराज की परंपरा एवं विचारो का संरक्षण निरंतर होता रहे यही पूज्य शंकराचार्य महाराज के प्रति सच्ची एवं सार्थक श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी रेल परियोजना ऋषिकेश से कर्णप्रयाग,  शिवपुरी और गुलर के बीच बनी क़रीब ढाई किलोमीटर सुरंग का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन



ऋषिकेश 26 अगस्त । प्र‌‌धानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम प्रोजेक्ट परियोजना के चलते ऋषिकेश कर्णप्रयाग के लिए तीव्र गति से चल रहे, शिवपुरी और गुलर के बीच बन रही  सुंरग का कार्य पूरा कर लिया गया है । जिसका उद्घाटन आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।रेल परियोजना पर शिवपुरी से गूलर के बीच निर्माणाधीन एक एस्केप टनल (निकासी सुरंग) का कार्य पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर इस टनल में आखरी ब्लास्ट किया।

 

तीन दिन पहले रुद्रप्रयाग के नरकोटा में परियोजना की पहली एस्केप टनल का निर्माण पूरा हुआ था। जिसके बाद शुक्रवार को ऋषिकेश के शिवपुरी में दूसरी एस्केप टनल का कार्य पूरा हुआ है। करीब ढाई किलोमीटर लंबी इस टनल मैं गूलर तथा टनल- 2 के मध्य दोनों ओर से खुदाई की जा रही थी।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल के भीतर आखिरी ब्लास्ट करने के लिए बटन दबाया। जिसके बाद टनल आपस में मिल गई है। अब इसके बाद टनल की फिनिशिंग की जाएगी। शिवपुरी से गूलर के बीच 6.470 किमी लंबी मुख्य रेल टनल तथा इसके समानांतर इतनी ही लंबी एक एस्केप टनल (निकासी सुरंग) का निर्माण कार्य लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) को सौंपा गया है।

यह परियोजना भारतीय रेलवे की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजना है। 125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तहत 105 किलोमीटर रेल लाइन सुरंगों से होकर गुजरेगी। परियोजना पर कुल 17 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ऋषिकेश करणप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति बेहद तेज है। शीघ्र ही पहाड़ में रेल का पूरा होने जा रहा है।उन्होंने इस उपलब्धि के लिए रेल विकास निगम तथा कार्यकारी संस्था के अधिकारी व कर्मचारियों को बधाई दी।

परियोजना में कार्यरत एल एंड टी प्रोजेक्ट मैनेजर अजय प्रताप ने बताया कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम दिसम्बर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ।जिसके अंतर्गत फर्स्ट ब्रेक थ्रू करते हुए पैकेज 2 का 2494 मीटर का कार्य पूरा कर लिया गया है।  शिवपुरी से करीब 2.5 कि,मी, दूर गुलर की‌ ओर सुरंग को आर पार जोड़ा गया है ।यह सुरंग एन एटीएम तकनीकी से बनाई गई ‌‌‌‌‌है। जिसका करके 23 अगस्त को पूरा कर लिया गया था जिसमें 107.9 मीटर का कार्य पूरा होना है जिसमें 84 मीटर का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था। 

इसी कड़ी में रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओ पी मालगुडी ने भी बताया कि निर्माण कार्य में 500 मजदूर दिन रात काम ‌‌‌में लगे रहे। उन्होंने कहा कि इससे पहले शिव पुरी और व्यासी के बीच‌ करीब 1.1 कि भी की सुरंग का काम ‌‌‌पुरा‌ कर आर पार कर दिया गया है। और इस सुरंग का काम भी 26 महीने में पूरा ‌‌‌हुआ‌ है।

रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओ पी मालगुडी ने बताया कि रेल विकास निगम की और से सुरंग संख्या दो शिवपुरी से गुलर‌ तक बनाई गई है ।उसकी लम्बाई कुल6 किलोमीटर ‌‌‌है। जिस स्थान पर‌ इसका मिलान किया गया है। वह स्थान शिवपुरी का मुख्य बाजार ‌‌‌से 1.8किलो मीटर दूर है।

इस सुरंग की ऊंचाई 60मीटर‌और चौड़ाई चार मीटर है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत रेल विकास निगम श्रीनगर और करण प्रयाग में रेलवे स्टेशन के साथ माल गोदाम भी बनाएगा। उनका‌ कहना था कि इस परियोजना के अंतर्गत सबसे लंबी सुरंग देवप्रयाग से ज्ञानसू के बीच बनाई जायेगी, जिसकी लंबाई 14.70 किलोमीटर होगी।

जो कि देश में बनाई गई अन्य सुरंगों की अपेक्षा‌ सबसे लंबी सुरंग होगी इस स्कूल का निर्माण टी बी एम (टनल बोरिंग मशीन) से किया जाएगा ,जिसके लिए रेल विकास निगम ने जर्मनी से दो मशीनों को मंगवाया कर निर्माण स्थल पर पहुंचा दिया गया है ।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, प्रेमचंद अग्रवाल, रेल विकास निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक अजीत यादव, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी, l&t के परियोजना प्रबंधक प्रभु कुमार आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा केंद्र सरकार ने नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण योजना की अवधि छह महीने के लिए ओर बढ़ाई, 5 किलो राशन प्रति व्यक्ति प्रति माह फिर से मिलेगा, 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मिलेगा लाभ



ऋषिकेश दिल्ली 26 मार्च। केंद्र सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी पीएमजीकेएवाई  को इस साल सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण योजना पीएमजीकेएवाई की अवधि छह महीने के लिए बढ़ाई है. अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सितंबर 2022 तक जारी रहेगी।

गौरतलब है कि साल 2020 से ही केंद्र सरकार की ओर से इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा मार्च 2020 में की गई थी. शुरू में यह योजना अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर, 2021 और 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया था।

महिला ने बेटे की चाहत में अपनी दो माह की बेटी को उतारा मौत के घाट, कलयुगी मां ने जघन हत्याकांड छिपाने को लिए मासूम को डाला माइक्रोवेब ओवन में



ऋषिकेश/दिल्ली 22 मार्च।  राष्ट्रीय राजधानी  से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक कलयुगी मां ने अपनी ही दो माह की मासूम बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। गला दबाकर हत्या के बाद महिला ने मासूम को ओवन में डाल दिया। मां की बर्बरता के कारण जान गंवाने वाली मासूम का शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। घटना दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र के चिराग दिल्ली गांव की है।

जानकारी के मुताबिक चिराग दिल्ली गांव में एक महिला ने बेटे की चाहत में अपनी दो माह की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी महिला ने शव को घर की छत पर पड़े एक माइक्रोवेब ओवन में छिपा दिया। परिजनों ने बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। घर में तलाशी के दौरान बच्ची अनन्या कौशिक का शव मिला। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर मालवीय नगर थाने की पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।

फिलहाल पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक गुलशन कौशिक अपने परिवार के साथ चिराग दिल्ली गांव में रहते हैं। परिवार में पत्नी डिंपल कौशिक के अलावा चार साल का बेटा और दो माह की बेटी अनन्या कौशिक थी। गुलशन की मां और भाई भी उनके साथ ही रहते हैं और घर के नीचे ही किराने की दुकान चलाते हैं।

पुलिस के मुताबिक 21 मार्च को करीब 3.15 बजे चिराग दिल्ली गांव से एक बच्ची के गायब होने की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बच्ची की दादी घर में बच्ची की तलाश कर रही थी। घर में तलाशी के दौरान दूसरे तल पर खराब पड़े एक माइक्रोवेब ओवन में बच्ची का शव पड़ा मिला। दादी ने बच्ची का शव निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी और बच्ची के माता-पिता को हिरासत में ले लिया।

पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद महंगाई का खेल हुआ शुरू, गैस सिलेंडर में ₹50 उछाल के साथ डीजल और पेट्रोल के दामों में भी हुई बढ़ोतरी, इंधन महंगा होने से खाद्य पदार्थों में भी होगी बढ़ोतरी



ऋषिकेश /दिल्ली 22 मार्च । पूरे देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो गए इसी के साथ ही सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों की घोषणा होने के तुरंत बाद आज इंधन की कीमतों में उछाला आ गया है।  जिससे खाद्य पदार्थों की कीमत में भी बढ़ोतरी होगी । जिसका सीधा सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवार की जेब पर महंगाई की मार के रूप में होने वाला है। 

बताते चलें 137  दिनों के बाद आज देश में एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं. बढ़े हुए दाम की बात करें तो डीजल और पेट्रोल दोनों पर 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।जबकि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹50 का उछाल आया है। पेट्रोल ,डीजल, गैस की कीमतों में आए उछाल से खाद्य पदार्थो की कीमतों में भी असर पड़ सकता है जिससे उनकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी। 

यूक्रेन में फंसे ऋषिकेश विधानसभा के 6 छात्र को भारत लाने की कवायद हुई तेज, भारत सरकार द्वारा आज रात दो फ्लाइटों के जरिए यूक्रेन से छात्रों को लाएगी भारत



ऋषिकेश 25 फरवरी।  रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के हालातों में यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड वासियों को स्वदेश लाने की कवायत तेजी से चल रही है वही ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के 6 छात्र भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं ।

बताते चलें यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए भारत से बहुत संख्या में छात्र  जाते हैं ।

भारत सरकार द्वारा आज रात्रि को दो फ्लाइटों के द्वारा यूक्रेन से  कुछ छात्रों का दस्ता भारत में लाया जाएगा।

जिसमें संभावना की जा रही है कि ऋषिकेश के छात्र भी शामिल हो सकते हैं। 

यूक्रेन में शिक्षा ले रहे ऋषिकेश विधानसभा के छात्रों के लिऐ राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में है एवं भारत सरकार सहित राज्य सरकार यूक्रेन में रह रहे लोगों को सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 

 यूक्रेन में फंसे ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के परिजनों से राज्य सरकार के प्रतिनिधि दूरभाष पर संपर्क में है।

ऋषिकेश विधानसभा से यूक्रेन में फंसे छात्रों के नाम इस प्रकार है

 1 मधुलता रयाल पुत्री मधुसूदन रयाल निवासी श्यामपुर,

2 तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल त्यागी निवासी गंगानगर गली नंबर 9

3 जिया बलूनी पुत्री राकेश बलूनी निवासी निकट सोमेश्वरनगर ,

4 प्रिया जोशी पुत्री प्रदीप चंद्र जोशी निवासी गंगानगर

5 मनोज चौहान पुत्र वीर सिंह चौहान निवासी खैरी खुर्द श्यामपुर

6 एवं हरि सिंह पुंडीर पुत्र राम सिंह पुंडीर निवासी गौहरीमाफी रायवाला

 सभी छात्रों के परिजनों को सरकार द्वारा हर संभव मदद कर घर वापसी का आश्वासन दिया गया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति बनने से पहले वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की थे एक जाने-माने कॉमेडियन, जानिए यूक्रेन के राष्ट्रपति के बारे में



ऋषिकेश/दिल्ली 25 फरवरी।  पूरे विश्व में इस समय रूस और यूक्रेन के मध्य हो रही युद्ध की चर्चा हो रही है। रूस ने यूक्रेन पर हमला कर अभी तक 137 लोगों को अपना निशाना बना दिया गया है। रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है।  जहां पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने  अपने सभी नागरिकों को रूस के खिलाफ हथियार उठाने के लिए कह दिया और देश में से सभी तरह के प्रतिबंध को हटा दिया गया है।

इसी बीच आपको यह बताते चलें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति बनने से पहले वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की अपने राष्ट्र के एक जाने-माने चर्चित कॉमेडियन थे। जब वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की पहली बार यूक्रेन के राष्ट्रपति के तौर पर टीवी स्क्रीन पर दिखे, तब वो एक चर्चित कॉमेडी सिरीज़ में किरदार निभा रहे थे.

लेकिन फिर जीवन ने कला की नकल की और वो अप्रैल 2019 में वास्तव में यूक्रेन के राष्ट्रपति बन गए.

अब वो साढ़े चार करोड़ की आबादी वाले यूक्रेन के नेता हैं और रूस के आक्रमण का सामना कर रहे हैं.

सर्वेंट ऑफ़ द पीपुल सिरीज़ में उन्होंने इतिहास के एक शिक्षक की भूमिका निभाई थी जो क़िस्मत से देश का राष्ट्रपति बन जाता है. उस विनम्र शिक्षक का भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दिया गया बयान ऑनलाइन वायरल हो गया था।

उन्होंने राष्ट्रपति बनने के लिए पारंपरिक रास्ता नहीं अपनाया.

यूक्रेन के मध्य शहर किरीवयी रीह में यहूदी परिवार में पैदा हुए वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की ने कीव नेशनल इकोनॉमिक यूनिवर्सिटी से क़ानून की डिग्री हासिल की. लेकिन, वास्तव में वो सफल कॉमेडी के क्षेत्र में सफल हुए.

युवावस्था के दौरान वो रूसी टीवी पर कॉमेडी शो में नियमित तौर पर शामिल हुए. साल 2003 में उन्होंने एक टीवी प्रोडक्शन कंपनी बनाई जो उनकी कॉमेडी टीम केवार्ताल-95 के नाम पर थी. ये कामयाब रही.

उनकी कंपनी ने यूक्रेन के 1+1 नेटवर्क के लिए शो प्रोड्यूस किए. इस कंपनी के विवादित अरबपति मालिक इहोर कोलोमोइस्की ने बाद में राष्ट्रपति पद के लिए ज़ेलेंस्की की उम्मीदवारी का समर्थन किया.

हालांकि, साल 2010 के दशक में टीवी और फ़िल्मों में उनका करियर बढ़िया चल रहा था. साल 2009 में उन्होंने ‘लव इन द बिग सिटी’ और 2012 में ‘ज़ेवेस्की बनाम नेपोलियन’ फ़िल्में बनाईं।

2014 यूक्रेन के लिए उथल-पुथल का साल था. कई महीनों चले प्रदर्शनों के बाद यूक्रेन के रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को सत्ता से हटा दिया गया. इसके बाद रूस ने क्राइमिया पर क़ब्ज़ा कर लिया और देश के पूर्वी हिस्से में अलगाववादी लड़ाकों का समर्थन किया. यहां अब भी लड़ाई चल रही है.

इन घटनाओं के एक साल बाद ‘सर्वेंट ऑफ़ द पीपुल’ धारावाहिक 1+1 नेटवर्क पर प्रदर्शित हुआ. इसमें वासीली गोलोबोरोडको का एक किरदार दिखाया गया जिसने एक इतिहास टीचर से देश के राष्ट्रपति बनने तक का सफ़र तय किया. किरदार निभा रहे ज़ेलेंस्की ने असल ज़िंदगी में ये कारनामा कर दिखाया.

ज़ेलेंस्की ने अपने प्रतिद्वंदी राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको को चुनाव में हरा दिया. पोरोशेंको उन्हें अनुभवहीन प्रतिद्वंदी मान रहे थे, बाद में ये अनुभवहीनता ही ज़ेलेंस्की की ताक़त साबित हुई.

ज़ेलेंस्की ने चुनावों में 73.2 प्रतिशत मत हासिल किए और 20 मई 2019 को उन्होंने यूक्रेन के छठे राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

आवाज की दुनिया के बप्पी लहरी( बप्पी दा) ने भी स्वर कोकिला लता मंगेशकर के बाद दुनिया को कहा अलविदा



ऋषिकेश /मुंबई 16 फरवरी। सिंगर और कंपोजर बप्पी लहरी  के निधन की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मुंबई के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

अस्पताल में ही बप्पी लहरी ने अंतिम सांस ली है। 69 साल के बप्पी लहरी के निधन की खबर किसी शॉक की तरह ही है। बीते दिनों ही संगीत की दुनिया का सबसे खूबसूरत सितारा कही जाने वाली लता मंगेशकर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया ।

और अब बप्पी लहरी को लेकर आ रही यह खबर इंडस्ट्री के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। अभी तक बप्पी लहरी के निधन की वजह सामने नहीं आ पाई है।  बप्पी दा के नाम से मशहूर  बप्पी लहरी ने म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी धुन और गानों से एक अलग तरह का ही राग छेड़ा था।

सबकी चहेती और भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में हुआ निधन



 

 

ऋषिकेश /मुंबई 6 फरवरी।हिंदी सिनेमा और म्यूजिक जगत को स्तब्ध करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। सबकी चहेती और भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन हो गया है। 92 साल की उम्र में लता मंगेशकर ने अंतिम सांस ली है। लता मंगेशकर के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में सन्नाटा पसर गया है।

देश की मशहूर गायिका और स्वर कोकिला से जाने जानी वाली लता मंगेशकर का निधन हो गया है। लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह पिछले 28 दिनों से वह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं। इस दौरान उन्हें कई बार जनरल वार्ड और आईसीयू में रखा गया। हाल में उन्हें आईसीयू से शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन आज सुबह से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया।
रविवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हो गया है। डॉक्टरों ने इससे पहले शनिवार को जानकारी दी थी कि लता मंगेशकर को स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद वेंटिलेटर से आईसीयू शिफ्ट किया गया था लेकिन अचानक बीते रोज उनकी सेहत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें फिर वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही आखिरी सांस ली।

लता मंगेशकर (जन्म 28 सितंबर, 1929 इंदौर) भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं, जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालाँकि लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फ़िल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है।

 

विधानसभा चुनाव में भाजपा चला रही परिवारवाद, दागियों ओर सांसदों के टिकटों पर कैंची, परंतु फिर भी भाजपा नेताओं द्वारा परिवार के लिए टिकट मांगने की लंबी है फेहरिस्त



ऋषिकेश /देहरादून/ लखनऊ 18 जनवरी। पांच राज्यों के   होने वाले 2022 विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चुनाव के दंगल की तैयारियां पूरे चरम पर हैं। प्रत्याशियों के चुनावी अखाड़े में उतरने का ऐलान भी हो रहा हैं,किसी को चुनावी अखाड़े में उतारा जा रहा है तो किसी को हटाया जा रहा है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार आलाकमान ने तय किया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किसी सांसद को या एक ही परिवार के कई लोगों को टिकट नहीं देगी।बैरहाल पार्टी का मानना है कि वो योग्यता और प्रदर्शन के अपने आधार पर टिकट देने के फार्मूले पर ही कायम रहेगी।वैसे भाजपा में ऐसे नेताओं की लंबी लाइन है जो अपने परिवार के लोगों के लिए टिकट मांग कर रहे हैं।

यह ऐलान उन खबरों के बीच हुआ है जिनमें सांसद और विधायक सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उत्तर प्रदेश समेत मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड और पंजाब में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने बच्चों के लिए टिकट मांगा है। उत्तर प्रदेश में सांसद कौशल किशोर, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

यही हाल उत्तराखंड में भी रहा है जिसमें हरक सिंह रावत द्वारा भी अपनी पुत्रवधू के लिए टिकट की मांग की गई परंतु इसी के चलते उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ये सभी अपनों के लिए टिकट की आस लगाए बैठे हैं,लेकिन पार्टी ने साफ तौर पर कहा है कि एक ही परिवार के कई लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा।

भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 10 से 14 फरवरी के बीच होने वाले विधानसभा चुनाव के दो चरणों के लिए 107 प्रत्याशियों की अपनी पहली लिस्ट पहले ही जारी कर दी है।इस लिस्ट में 20 मौजूदा विधायकों का पत्ता साफ हो गया है। लिस्ट में कई नए चेहरे भी शामिल हैं जिनको विनेबिलिटी के लिहाज से टिकट दिया गया है।

यही कारण है कि परिवारवाद के चलते टिकट कटने और अपनी खुद की टिकट कटने की वजह से भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा के भाजपा में शामिल होने के बारे में पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने कहा कि अपर्णा यादव का शामिल होना उनकी पसंद की सीट पाने पर निर्भर नहीं है। निर्वाचन क्षेत्र सहित उनकी उम्मीदवारी पर निर्णय पार्टी नेतृत्व का विशेषाधिकार होगा। टिकट पार्टी तय करेगी कि उन्हें कहां से लड़ना है। पहले से यदि कोई ये दावा लेकर आएगा कि हमें इसी सीट से टिकट चाहिए तो ऐसा संभव नहीं है।