अंकिता भंडारी हत्याकांड की एसआईटी जांच से आंदोलनकारियों ने जताई नाराजगी, गुरिल्ला वार की तरह पूरे उत्तराखंड में चलाया जाएगा आंदोलन, जिसकी जानकारी एलआईयू और पत्रकारों को भी नहीं दी जाएगी



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ऋषिकेश,0 1 नवम्बर । पिछले काफी समय से ऋषिकेश हरिद्वार मार्ग पर स्थित कोयल ग्रांट में अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, और वीआईपी का नाम उजागर किए जाने को लेकर किए जा रहे धरने में सरकार की ओर से एसआईटी की जांच पर आंदोलनकारियों ने प्रश्न लगाते हुए आंदोलन को उग्र करते हुए गुरिल्ला वार की तरह  आंदोलन को चलाए जाने का ऐलान किया।

मंगलवार को धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आंदोलन के प्रमुख संजय सिल्सवाल,शकुंतला रावत , प्रमिला रावत ,हिमांशु रावत , प्रवीण जाटव ,दीपक जाटव, ने कहा कि वह उत्तराखंड के डीजीपी और एसआईटी प्रमुख पी रेणुका से सोमवार को मिले थे, परंतु उनके द्वारा पूछे गए अंकिता हत्याकांड ,पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ,वीआईपी का नाम और अन्य सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए। जिससे लगता है कि वह सरकार के दबाव में आकर उनकेेे आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैंं।

जबकि अंकिता भंडारी द्वारा अपने दोस्त से की गई चैटिंग के दौरान वीआईपी के वनन्तरा में आने की बात कही गई थी, लेकिन पी रेणुका ने उस बात को भी टाल दिया, जिससे आंदोलनकारियों में रोष उत्पन्न हो गया है।

जिसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि आंदोलन को पूरे उत्तराखंड में उग्र रूप देते हुए गुरिल्ला वार की तरह चलाया जाएगाा। जिसकी जानकारी एलआईयू सहित पत्रकारों को भी नहीं दी जाएगी। क्योंकि वह भी उनके आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

अंकिता हत्याकांड के अभियुक्तों पर नवनियुक्त पुलिस कप्तान ने जनपद में कार्यभार लेते ही किया कड़ा प्रहार अभियुक्तों के खिलाफ गैगेस्टर एक्ट के तहत की गयी कार्यवाही



ऋषिकेश, 30 अक्टूबर ‌‌। पिछले डेढ़ माह से जनपद पौड़ी गढ़वाल के लक्ष्मण झूला क्षेत्र के अंतर्गत वनन्तरा रिसॉर्ट में कार्यरत रिसेप्शनिस्ट अंकिता हत्याकांड़ मामले में एसआईटी टीम ने डीआईजी कु0 पी0 रेणुका देवी के नेतृत्व में पार्दर्शिता से विवेचना की जा रही हैै, जिसके चलते पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के दिशा-निर्देशन में इस हत्याकांड़ की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विगत 21 सितंबर को अंकिता भण्डारी उम्र-19 वर्ष, पुत्री वीरेन्द्र सिंह भण्डारी, निवासी-ग्राम श्रीकोट, पट्टी नादलस्यूँ तहसील पौड़ी की गुमशुदगी के आधार पर राजस्व पुलिस चौकी उदयपुर तल्ला-2, तहसील यमकेश्वर में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।

अभियोग की गम्भीरता को देखते हुये जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल ने विवेचना राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को 22 सितंंबर को हस्तान्तरित कर पुलिस‌ ने सम्बंधित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था| नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढवाल श्वेता चौबे ने उक्त मामले में तत्परता दिखाते हुये सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला को अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

जिसके क्रम में अभियुक्तों गैंग लीडर पुलकित आर्या. गैंग सदस्य सौरभ एवं अंकित द्वारा अपने होटल/रिजोर्ट में व उसके आसपास के क्षेत्र में असामाजिक कृत्य कर अनैतिक व्यापार जैसे अपराधों में संलिप्त होकर अवैध रुप से धन अर्जित कर समाज विरोधी क्रिया कलाप में संलिप्त होकर क्षेत्र में जधन्य अपराध कारित करने की घटना को अन्जाम देकर लोक शान्ति व्यवस्था को अस्त-व्यस्त किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने‌ उक्त प्रकरणअभियोग में तत्परता दिखाते हुये अभियुक्तों के विरुद्ध 2/3 उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। वर्तमान में अंकिता मर्डर से सम्बन्धित अभियोग की विवेचना एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है, जो वर्तमान में विवेचनाधीन है।

उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट ने दिया झटका, विधानसभा कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर लगाई रोक,आदेश बताया विधि विरुद्ध



ऋषिकेश/ देहरादून /नैनीताल 15 अक्टूबर।  नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय के सौ से अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगा दी है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने पूर्व प्रमुख सचिव डीके कोटिया की अध्यक्षता में बनाई समिति की सिफारिशों के आधार पर इन कर्मचारियों की बर्खास्तगी का निर्णय लिया था। यह सब तदर्थ कर्मचारी हैं।

बीते दिवस न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने इन कर्मचारियों को सुनवाई का मौका नहीं देने पर नाराजगी जताई थी और विधानसभा से इस बिंदु पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।बर्खास्तगी आदेश के विरुद्ध 55 से अधिक कर्मचारियों की याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता में पर बबिता भंडारी, भूपेंद्र सिंह बिष्ठ व कुलदीप सिंह व 53 अन्य मुख्य थे।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने लोकहित को देखते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी, मगर बर्खास्तगी आदेश में उन्हें किस आधार पर किस कारण की वजह से हटाया गया, कहीं इसका उल्लेख नहीं किया गया न ही उन्हें सुना गया। जबकि उनके सचिवालय में नियमित कर्मचारियों की भांति कार्य किया है। एक साथ इतने कर्मचारियों को बर्खास्त करना लोकहित नही है। यह आदेश विधि विरुद्ध है। विधान सभा सचिवालय में 396 पदों पर बैकडोर नियुक्तियां 2002 से 2015 के बीच भी हुई है, जिनको नियमित किया जा चुका है।

याचिका में कहा गया है कि 2014 तक हुई तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों को चार वर्ष से कम की सेवा में नियमित नियुक्ति दे दी गई । किन्तु उन्हें 6 वर्ष के बाद भी स्थायी नहीं किया, अब उन्हें हटा दिया गया। पूर्व में भी उनकी नियुक्ति को जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गयी थी, जिसमे कोर्ट ने उनके हित में आदेश दिया था जबकि नियमानुसार छह माह की नियमित सेवा करने के बाद उन्हें नियमित किया जाना था।

ऋषिकेश: अंकिता हत्याकांड चर्चित वंतरा रिसोर्ट के समीप जंगल में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का हुआ भांडाफोड,  बाहरी राज्य से आए कार्यरत कर्मचारियों को 21 दिन से बंधक बनाने पर एक युवती समेत कुल 3 लोगों ने भाग कर बचाई अपनी जान,  पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई लैपटॉप समेत अन्य उपकरण किए बरामद, पुलिस और एलआईयू को नही थी भनक,



ऋषिकेश 6 अक्टूबर। ऋषिकेश से सटे  राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के भीतर कुनाऊं गांव में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित किए जाने का भंडाफोड़ हुआ है।  जिसमें भारी राज्य से आए कार्यरत कर्मचारियों मे एक युवती समेत तीन लोगों को बंधक बनाकर विदेशों में बैठे लोगों के साथ ऑनलाइन के माध्यम से धोखाधड़ी  कराई जा रही थी। धोखाधड़ी की भनक लगने पर कॉल सेंटर में कार्यरत बाहरी राज्य से आए कर्मचारियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन कॉल सेंटर संचालकों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ मारपीट भी की।

कल बुधवार की सुबह कर्मचारी अरुप कॉल सेंटर संचालकों को चकमा देकर भाग निकला, लेकिन रास्ते में ही उसे संचालकों ने दबोच लिया. चीला-बैराज मार्ग पर संचालकों ने असम निवासी अरुप से मारपीट की. आरोप है कि संचालक ने उसका मोबाइल भी छीनकर गंगा में फेंक दिया. इसी बीच आसपास ग्रामीण और मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने उन्हें देख लिया. लोगों की अपनी तरफ आता देख संचालक फरार हो गए. मामला पुलिस तक पहुंचा, तो पुलिस की जांच में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा हुआ.

पुलिस ने कुनाऊं गांव में कॉल सेंटर से सात लैपटॉप, इंटरनेशनल कॉल करने के उपकरण, चार वाईफाई राउटर और हेडफोन बरामद किए. पीड़ितों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि इस फर्जी इंटरनेशन कॉल सेंटर से खासकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाया जाता था. इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाने के लिए संचालकों ने आसाम निवासी अरुप , लिंडा  ओर रिचर्ड निवासी शिलांग मेघालय Shillong meghalay का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया था।  इसके बाद वह उन्हें फ्लाइट से लेने गुवाहाटी गए।

कुनाऊं गांव में सेंटर पहुंचने के बाद उन्हें इंटरनेट कॉल के जरिए विदेशी नागरिकों से ठगी के लिए मजबूर किया गया. मना करने पर करीब 21 दिनों तक अरुप, रिचर्ड और लिंडा को बंधक बनाकर रखा गया. लक्ष्मणझूला पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी गौरव, वसीम और गुलाम की तलाश में जुट गई है. मौके से लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए लैब भेजा गया है.

 राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के भीतर कुनाऊं गांव में ठगी का अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था, लेकिन लक्ष्मण झूला पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. सिर्फ पुलिस ही नहीं लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) को भी इस धोखधड़ी के ऑनलाइन कारोबार का पता नहीं चला। जिससे पुलिस और एलआईयू की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

कुनाऊं गांव में ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर का मामला सामने आने के बाद एक सवाल यह भी खड़ा हुआ है कि हाल ही में अंकिता हत्याकांड को लेकर साइबर सेल से लेकर कई तरह की एजेंसियां इसी क्षेत्र में तहकीकात के लिए जुटी हैं। हजारों मोबाइल नंबरों को इस बीच पुलिस की विभिन्न एक्सपर्ट एजेंसियों ने ट्रेस किया है। बावजूद, उनकी पकड़ में घटना स्थल से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही संचालित इंटरनेट कॉल के जरिए विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले पकड़ में नहीं आए।

लक्ष्मण झूला थाने के प्रभारी को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर थाने का प्रभार विनोद गुंसाई को सौंपा, दानपात्र से चोरी करने वाले आरोपी के पुलिस बैरक से फरार हो जाने के मामले में हुईं कार्यवाही



ऋषिकेश ,04 अक्टूबर। परमार्थ निकेतन के दानपात्र से चोरी करने वाले आरोपी के पुलिस बैरक से फरार हो जाने के मामले में पौड़ी के पुलिस अधीक्षक ने लक्ष्मण झूला थाने के प्रभारी को लाइन हाजिर कर थाने का प्रभार विनोद गुंसाई को सौंप दिया है।

उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी निवासी केदार चौकी विगत 20 सितंबर को जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत तपोवन के एक होटल में ठहरा था, जहां से वह परमार्थ निकेतन पहुंचा ,और वहां बैठे दानपात्र से उसने सिक्के व पैसों की चोरी कर ली थी ।जिसकी सूचना होटल के प्रबंधक द्वारा तपोवन पुलिस को दी गई थी जहां से पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लक्ष्मण ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ झूला पुलिस को सौंप दिया था। जिसके बाद उसे बैरक में रखा गया था। जहां से वह फरार होकर पुलिस से हाथ छुड़ाकर उसने लक्ष्मण झूला पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है।

जिसे लेकर केदार सिंह के पिता ने न्यायालय का सहारा लिया और मामले की जांच के लिए पुलिस के लिए ऑर्डर करा दिए। जिसकी जांच के चलते पौड़ी जनपद के पुलिस अधीक्षक ने लक्ष्मण झूला थाने में तैनात संतोष कुंवर सिंह को लाइन हाजिर कर थाने का प्रभार विनोद गुंसाई को सौंप दिया है।

 

ऋषिकेश तहसील ओर एमडीडीए प्रशासन की टीम द्वारा अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण को किया ध्वस्त, प्रॉपर्टी डीलरों में मचा हड़कंप



ऋषिकेश 1 अक्टूबर । ऋषिकेश तहसील अंतर्गत आज तहसील प्रशासन ओर एमडीडीए की टीम द्वारा अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। जिसके उपरांत अवैध प्लाटिंग करने वाले प्रॉपर्टी डीलर में हड़कंप मच गया है। 

बताते चलें माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के द्वारा पारित आदेश  उर्मिला थापा बनाम राज्य में जनहित याचिका 58 / 2019 में तहसील प्रशासन ऋषिकेश द्वारा गठित टीमों द्वारा अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर तथा नोटिस प्रेषित करने के उपरांत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

इसी कड़ी में आज ऋषिकेश तहसीलदार अमृता शर्मा के नेतृत्व में बनी टीम के द्वारा अब तक नदी श्रेणी की 35 बीघा से अधिक भूमि से अवैध कब्जा हटाया जा चुका है ।

उधर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के आदेशानुसार मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ऋषिकेश सेक्टर की टीम द्वारा भी ग्राम खैरी कला तथा ग्राम श्यामपुर लक्कड़ घाट में लगभग 25 बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। 

अंकिता हत्याकांड में एसआईटी मे शामिल एसटीएफ टीम द्वारा अमलीजामा पहनाना शुरू  – सर्विलांस एक्सपर्ट के जरिए घटना स्थल सहित वनन्तरा रिसार्ट और आसपास क्षेत्र में घंटों चली जांच



ऋषिकेश 1 अक्टूबर। वनन्तरा रिसार्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में एसआइटी ने एसटीएफ को भी शामिल किया है। विशेष रुप से घटनास्थल, वनन्तरा रिसार्ट और आसपास क्षेत्र में सर्विलांस एक्सपर्ट के जरिए यह जानकारी हासिल की जा रही है कि संबंधित क्षेत्र में वारदात से पहले, वारदात के रोज और उसके बाद आरोपितों सहित कितने लोग कि यहां पर मौजूदगी थी। अंकिता हत्याकांड की मजबूत पैरवी के लिए यह जांच महत्वपूर्ण मददगार साबित हो सकती है।

अंकिता हत्याकांड से जुड़ी विभिन्न कड़ियों को जोड़ने के लिए एसआइटी ने कई स्तर पर होमवर्क करने के बाद उसको अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। फारेंसिक एक्सपर्ट की टीम के जरिए यहां दो बार महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। भाजपा के निष्कासित नेता विनोद आर्या के पुत्र पुलकित आर्या सहित मैनेजर सौरभ भास्कर और असिस्टेंट मैनेजर अंकित गुप्ता की रिमांड ली जा चुकी है। पुलकित के साथ सांठगांठ के आरोपी क्षेत्र के पटवारी वैभव प्रताप सिंह सहित तमाम लोग एसआइटी की जांच में शामिल है। कुछ वीआइपी मेहमान के बारे में भी एसआइटी जानकारी जुटा रही है।

मोबाइल सर्विलांस के जरिए भी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाने की दिशा में एसआइटी काम कर रही है। यही कारण है कि शुक्रवार को देहरादून से एसटीएफ की टीम सर्विलांस एक्सपर्ट के साथ यहां पहुंची। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर के साथ विशेषज्ञों की टीम शुक्रवार शाम करीब चार बजे रिसार्ट पहुंची। शाम करीब सात बजे तक रिसार्ट के अतिरिक्त नहर में स्थित घटनास्थल, वारदात के रोज अंकिता भंडारी के साथ दुपहिया वाहनों में गए स्थानों पर भी टीम पहुंची।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी के रोज पुलकित, सौरव और अंकित से जो पूछता की गई थी,उसमें इनकी ओर से अंकिता और पुलकित के मोबाइल के बारे में जो जानकारी दी गई थी इन सब को सर्विलांस टीम ने अपने रडार पर रखा है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि नहर में मोबाइल फेंकने संबंधी उनकी जानकारी में कितना दम है। एसटीएफ की सर्विलांस टीम यह भी पता लगा रही है की वारदात से पहले, वारदात के रोज और उसके बाद रिसार्ट में कितने और किसके मोबाइल की मौजूदगी पाई गई है। इन सब कड़ियों को जोड़ने के बाद रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपितों से एसआइटी पूछताछ करेगी।

मुख्यमंत्री ने श्रीकोट पहुँचकर अंकिता भंडारी के परिजनों से घर पर जाकर की मुलाकात मुख्यमंत्री ने कहा दोषियों को दिलाई जाएगी कड़ी से कड़ी सजा



ऋषिकेश/देहरादून 30 सितंबर।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी के श्रीकोट में अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद अंतर्गत श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुँचे और अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

मामले की जांच को डीआईजी पी.रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी मौजूद थे।

अंकिता हत्याकांड से सबक लेते हुए पुलिस द्वारा ऋषिकेश से हुई गुमशुदा दो नाबालिक बहनों को दिल्ली से किया गया सकुशल बरामद, अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन देकर बुलाने वाले दो युवक फरार



ऋषिकेश 29 नवंबर। उत्तराखंड के ऋषिकेश में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड से सबक लेते हुए ऋषिकेश पुलिस द्वारा ऋषिकेश से गुमशुदा दो नाबालिक लड़कियों को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया गया है। जबकि लड़कियों को अच्छी सैलरी वाली जॉब देने के प्रलोभन में बुलाने वाले दो लड़के अभी भी फरार हैं। 

बताते चलें 28 सितंबर लड़कियों के परिजनों द्वारा थाना ऋषिकेश के अंतर्गत पड़ने वाले चौकी आईडी पीएल ऋषिकेश में लिखित तहरीर के माध्यम से सूचना दी गई कि उनकी दो नाबालिक पुत्रियां उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष दिनांक 27 सितंबर 2022 की रात लगभग 10:30 बजे से घर से गायब हैं अभी तक घर नहीं आई है। प्राप्त लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में तुरंत मामले पर गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 
नाबालिग बहनों की गुमशुदगी की गंभीरता एवं किसी अप्रिय घटना की संभावना की दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद देहरादून के  निर्देशन में पुलिस कर दो टीमें तैयार  की गई।

गठित टीमों के द्वारा किए गए कार्यों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त आपसी सामंजस्य स्थापित कर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त गुमशुदा दोनों नाबालिग बहने सोशल मीडिया के माध्यम से फरीदाबाद हरियाणा निवासी दो लड़कों के संपर्क में आई जिनके द्वारा दोनों बहनों को अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन दिया गया जिसके पश्चात दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों को बिना बताए अपने घर से दिनांक 27 सितंबर 2022 की रात्रि बस के माध्यम से हरिद्वार होते हुए दिल्ली पहुंच गई है।

उपरोक्त दोनों नाबालिग बहनों के दिल्ली में होने की जानकारी प्राप्त होने पर दोनों गठित टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल दिल्ली रवाना होकर आज दिनांक 29 सितंबर 2022 को सूचना प्राप्त होने के मात्र 24 घंटे के अंदर दोनों गुमशुदा नाबालिग बहनों को कश्मीरी गेट दिल्ली के पास से सकुशल बरामद किया गया। दोनों फरार व्यक्तियों के संबंध में अन्य जानकारियां प्राप्त कर उनकी तलाश जारी है। अभियोग उपरोक्त से संबंधित अग्रिम आवश्यक कार्यवाही जारी है।

अंकिता हत्याकांड में गठित एसआईटी टीम के पास घटनास्थल की वीडियोग्राफी सहित सभी साक्ष्य मौजूद: एएसपी शेखर सुयाल, साक्ष्य मिटाने जैसी भ्रामक खबरों को बताया गलत



ऋषिकेश 28 सितंबर। अंकिता हत्याकांड मैं गठित एसआईटी कि टीम के पास घटनास्थल की वीडियोग्राफी सहित सभी साक्ष्य मौजूद है।

आज अंकिता हत्याकांड में गठित एसआईटी टीम के सदस्य एएसपी शेखर सुयाल ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया कि अंकिता हत्याकांड का केस राजस्व विभाग से लक्ष्मण झूला थाने में 22 सितंबर को आने पर पुलिस द्वारा पहली आईओ की रिपोर्ट मैं घटना स्थल की प्रॉपर वीडियोग्राफी कर सभी साक्ष्य जुटा लिए गए थे,ओर  23 सितंबर की सुबह एसएफएल की टीम द्वारा भी घटनास्थल पर सभी साक्ष्य को कलैक्ट कर सभी पुख्ता जानकारी को जुट  लिया गया।

इसके अलावा कल एसआईटी की टीम द्वारा भी पूरे रिसोर्ट की सघनता से जांच की गई और केस से संबंधित सभी जानकारी एवं मौजूद साक्ष्य का मिलान किया गया ।

उनका यह भी कहना था कि एसआईटी टीम रिसोर्ट के सभी कर्मचारियों के संपर्क में है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है । एसआईटी की टीम समय-समय पर जरूरत पड़ने पर घटनास्थल पर जाकर जांच कर सकती है।

उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य मीडिया माध्यमों से चल रही सभी भ्रामक खबरों में साक्ष्य मिटाने जैसी खबरों को गलत बताया गया ।इसके अलावा उन्होने यह भी बताया कि जिस कमरे में आग लगाई गई वह रिसोर्ट से अलग फैक्ट्री के बाहर कमरा था।