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स्थाई राजधानी की मांग को लेकर अपने खून से लिखे हुए पत्र मुख्यमंत्री को किए प्रेषित, 29 और 30 नवंबर को गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में स्थाई राजधानी गैरसैंण ना घोषित होने पर दी आत्मदाह करने की चेतावनी


ऋषिकेश 12 नवंबर। आज त्रिवेणी घाट पर गंगा किनारे  प्रवीण कुमार काशी, अरविंद हटवाल और  सुरेंद्र सिंह नेगी  द्वारा स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर अपने खून से लिखे हुए पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किए। जिसमें उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आने वाले 29 और 30 नवंबर को गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में स्थाई राजधानी गैरसैंण के लिए सरकार घोषणा नहीं करती है तो हमें मजबूरन आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।

आज तय कार्यक्रम के अनुसार प्रवीण कुमार काशी, अरविंद हटवाल और  सुरेंद्र सिंह नेगी  ने मां गंगा की पूजा अर्चना के पश्चात अपने खून से स्थाई राजधानी गैरसैंण हो  की मांग करते हुए कहा  कि जब तक हमारे डीजीपी,  मुख्य सचिव ,विधायक , मुख्यमंत्री स्वयं पहाड़ों मैं नहीं बैठेंगे तब तक पहाड़ का विकास एक कल्पना है आज भी सभी मंत्री कहते हैं जो गलत काम करेगा उसे हम पहाड़ों में भेज देंगे । जब खुद ही वो पहाड़ों में बैठेंगे तब कोई भी कर्मचारी डॉक्टर पहाड़ों में जाने से नहीं घबराएगा।

प्रवीण सिंह काशी  ने कहा उत्तराखंड में दो राजधानी सही नहीं उत्तराखंड मैं स्वास्थ्य,  शिक्षा और रोजगार  को लेकर  सरकार कोई भी सकारात्मक प्रयास नहीं कर पा रही है और दो राजधानी बनाकर अय्याशी का अड्डा बना रखा है।

इसी कड़ी में सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा यह खून से लिखा हुआ पत्र उत्तराखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री को आभास कराने के लिए है अभी भी जाग जाओ नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब हम लोगों को मजबूरन गलत कदम उठाना पड़े उन्होंने कहा युवा मुख्यमंत्री बहुत आशावान है । जिसके लिए सभी ने  एक स्वर में राजधानी स्थाई राजधानी गैरसैण की मांग उठाई।


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