Advertisement

डीएम की पहल से दिव्यांगजनों को बड़ी राहत, डीडीआरसी बना सहारा,  विशेष थेरेपी से निखर रही बच्चों की प्रतिभा


देहरादून, 07 मई: मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों के हित में किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर प्रभावी परिणाम देने लगे हैं। कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत का केंद्र बनकर उभरा है। यहां मिलने वाली सुविधाओं से दिव्यांगजनों को न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और अधिकार भी सुनिश्चित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की पहल पर प्रत्येक बुधवार को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। इससे लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में काफी सहूलियत मिल रही है। साथ ही, डीडीआरसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 8791009301 के माध्यम से दिव्यांगजन घर बैठे ही आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सितंबर 2025 से शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 600 से अधिक यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की दिव्यांग बोर्ड द्वारा 600 नए प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, जबकि 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया गया है। वर्ष 2009 से अब तक जनपद में कुल 30,739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।
दून निवासी मनोज बहुगुणा ने बताया कि पहले यूडीआईडी कार्ड बनवाने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन डीडीआरसी के माध्यम से उनका कार्ड आसानी से बन गया। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और सरकार का आभार व्यक्त किया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पहली बार गांधी शताब्दी अस्पताल में डीडीआरसी के संचालन के लिए चार कक्ष उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि गांधी शताब्दी अस्पताल के अलावा उप जिला चिकित्सालय (एसडीएच) विकासनगर में भी नियमित रूप से दिव्यांग बोर्ड की सेवाएं दी जा रही हैं। विकासनगर में प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं।
विशेष थेरेपी से मिल रहा नया जीवन
डीडीआरसी में दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी और लर्निंग थेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इन सेवाओं के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
जिला प्रशासन की यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ ही उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *