ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में बम होने की अफवाह के चलते मची भगदड़, गंगा में बहने की घटनाओं में 2 लोगों को  सुरक्षित बचाया, किया गया रेस्क्यू अभ्यास


ऋषिकेश, 18 मार्च । ऋषिकेश में बुधवार को व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। जनपद देहरादून  में भूकंप, बम की सूचना, आगजनी, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना और गंगा में जलस्तर बढ़ने जैसी विभिन्न आपात स्थितियों का यथार्थपरक सिमुलेशन किया गया। इस दौरान जनपद देहरादून के अलग-अलग घटनाओं में कुल 16 लोग घायल हुए, जबकि गंगा में बहने की घटनाओं में 2 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचा लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रातः 09:45 बजे आपदा कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में बम होने की अफवाह के चलते भगदड़ मच गई है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जनपद का आईआरएस (Incident Response System) तत्काल सक्रिय कर दिया गया और राहत एवं बचाव टीमें मौके पर रवाना की गईं।
इसी बीच जनपद में 6.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाने का सिमुलेशन किया गया। भूकंप के बाद विकासनगर तहसील क्षेत्र के हरबर्टपुर ट्रांजिट कैंप में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पर तत्काल पहुंची राहत टीमों ने 4 घायलों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया तथा आवश्यकतानुसार अस्पताल भेजा।
ऋषिकेश में बम विस्फोट की सूचना के साथ ही त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तीर्थ यात्रियों के बहने और डूबने की घटनाओं का भी सिमुलेशन किया गया। एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस और चिकित्सा टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं कालसी क्षेत्र में एनएच-707 (जुड्डो-यमुना पुल मार्ग) पर वाहन दुर्घटना का अभ्यास किया गया, जिसमें 3 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई। रेस्क्यू टीमों ने घायलों को वाहन से निकालकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। वाहन में कुल 9 यात्री सवार थे।
मसूरी क्षेत्र में देहरादून-मसूरी-टिहरी मार्ग (एनएच-707ए) पर होटल देवलोक के पास भूस्खलन और सड़क धंसने की घटना का भी सिमुलेशन किया गया। इस दौरान मार्ग अवरुद्ध होने से फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया तथा वैकल्पिक मार्ग से यातायात बहाल किया गया। इस घटना में 3 घायलों को 108 सेवा के माध्यम से सिविल अस्पताल मसूरी भेजा गया।
पूरे मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। उप जिलाधिकारी (मुख्यालय) अपूर्वा सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी करते रहे, जबकि जिलाधिकारी स्वयं सभी घटनाओं की पल-पल की जानकारी लेते रहे और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित कराते रहे।
इस मॉक अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम करना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना रहा।
अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला सूचना अधिकारी बीसी नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विभिन्न स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन विकासनगर में एसडीएम विनोद कुमार, ऋषिकेश में एसडीएम योगेश मेहर, कालसी/चकराता में एसडीएम प्रेमलाल तथा मसूरी में नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।


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