देहरादून: 30 मार्च । पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्रैकडाउन” के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। दून पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से देहरादून में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिलाओं में एक किर्गिस्तान और दो उज्बेकिस्तान की नागरिक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं में से एक महिला पूर्व में एक वर्ष के वैध वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद वह अपने देश वापस नहीं लौटी और अवैध रूप से भारत में ही रह रही थी। वहीं अन्य दो महिलाएं अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर देहरादून पहुंची थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों महिलाओं ने भारत में रहने के लिए अपने परिचितों के माध्यम से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए थे, जिनके सहारे वे लंबे समय से यहां निवास कर रही थीं। पुलिस को शक है कि इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला एक संगठित गिरोह भी सक्रिय हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार महिलाओं में से एक महिला को पहले भी बिहार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद वह अपने देश वापस जाने के बजाय दोबारा अवैध रूप से भारत में ही रहने लगी।
दून पुलिस और एलआईयू की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया। उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है और उनके भारत आने तथा यहां रहने के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मामले में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












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