रामायण प्रचार समिति ने परशुराम जयंती पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर देश में सुख समृद्धि की कामना की


ऋषिकेश ,14 मई । रामायण प्रसाद समिति ऋषिकेश व ब्राह्मण सभा द्वारा ब्राह्मण सभा द्वारा परशुराम जयंती के अवसर पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। शुक्रवार को परशुराम चौक पर स्थित भगवान परशुराम महाराज की जयंती सूक्ष्म रूप में सभी क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के द्वारा कोविड-19 का ध्यान रखते हुए मनाई गई।

इस दौरान भगवान परशुराम महाराज से सुख शांति समृद्धि की कामना करते हुए , कोरोना महामारी से जल्दछुट कारा दिलाए जाने के साथ सभी भारतवासीयो के सुख समृद्धि की कामना भी की गई , जिससे वह पुनः अपना सुख में जीवन व्याप्त करें ।इन्ही मंगल कामनाओं के साथ सभी ने भगवान परशुराम से आशीर्वाद प्राप्त किया वैदिक ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन कर भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं जाने के साथ पूजा अर्चना की कर भगवान को पुष्प माला पहनाई कर भगवान परशुराम जी महाराज की आरती कर सभी ने आशीर्वाद लिया।इस अवसर पर पंडित रवि शास्त्री ने कहा कि आज का दिन बड़ा पावन शुभ दिन माना जाता है ,आज ही के दिन अक्षय तृतीया का होना और परशुराम जयंती का होना आने वाले समय के लिए शुभ लक्षण है ।भगवान परशुराम भगवान ने हमेशा काम -क्रोध- लोभ -मोह का संघार किया। जो भी इस वासना से उनके सामने दूरव्यवहार करता था, वह उसको मार डालते थे।

भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नी व रेणुका देवी के पुत्र थे|जब वे छोटे थे तभी से वे एक गहन शिक्षार्थी थे ।और वह सदैव अपने पिता ऋषि जमदग्नी की आज्ञा मानते थे। परशुराम जी सबसे पहले योद्धा ब्राह्मण भी हुए यही कारण है। कि उन्हें ब्रह्मक्षत्रिया (दोनों ब्राह्मण और क्षत्रिय का अर्थ योद्धा कहा जाता है)| उनकी माता रेणुका देवी क्षत्रिय थीं।भगवान परशुराम ने सदैव सत्य का साथ एवं सत्य मार्ग में चलने का आदर्श स्थापित किया उन्होंने इस कलिकाल में आने वाली पीढ़ी को सत्य के मार्ग पर चलना सिखाया।इस अवसर पर रामायण प्रचार समिति के पंडित रवि शास्त्री ,गोपाल सती नगर निगम पार्षद शिव कुमार  गौतम, रमाकांत भारद्वाज ,राकेश शर्मा ,कांता प्रसाद भट्ट ,दुर्गेश कुमार , प्रेम , पंडित धीरज पंत, राधेश्याम शर्मा, रमाकांत भारद्वाज आदि उपस्थित थे।

 

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