

ऋषिकेश, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय ऋषिकेश स्थित रसमंजरी ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय मानव संसाधन सम्मेलन ‘विमर्श 2026’ का शुभारंभ हुआ।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय ऋषिकेश में आयोजित इस सम्मेलन का विषय ‘कार्यबल 2026: भारत के नए श्रम कोड के लिए संगठनात्मक तत्परता को बढ़ावा देना’ रखा गया है। सम्मेलन में श्रम कानूनों में हो रहे बदलावों, नए श्रम कोड के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की कार्यस्थल चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि बदलते श्रम कानूनों के अनुरूप संगठनों को अपनी कार्यप्रणाली और मानव संसाधन नीतियों को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। नियामक सुधारों को प्रभावी कार्यस्थल प्रक्रियाओं में बदलने के लिए संगठनात्मक तैयारी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कार्यबल किसी भी संगठन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। कर्मचारियों की प्रतिभा को निखारने, उनके जुड़ाव को बढ़ाने और संगठनात्मक उत्कृष्टता हासिल करने में मानव संसाधन विभाग की अहम भूमिका होती है। उन्होंने मानव संसाधन विशेषज्ञों से उत्पादक, समावेशी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कार्यस्थल विकसित करने की दिशा में सक्रिय एवं प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) डॉ. ओंकार शर्मा ने मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने ‘सुधार की परिकल्पना से चार श्रम संहिताओं तक: विधायी यात्रा’ विषय पर भारत के श्रम कानूनों के विकास, विधायी सुधारों के उद्देश्यों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रमुख सिद्धांतों की जानकारी दी।
इस दौरान स्वामी योग स्वरूपानंद ने कर्मयोग के सिद्धांतों पर विचार व्यक्त करते हुए नैतिक आचरण और निस्वार्थ सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण ‘लेबर कोड रेडीनेस कंपेंडियम’ का विमोचन रहा। यह संदर्भ पुस्तिका प्रतिनिधियों को नए श्रम कोड को समझने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
एसएचआरएम इंडिया (SHRM India) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में भारत की चार श्रम संहिताओं-वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता- पर विस्तृत चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। सम्मेलन का उद्देश्य नियामक सुधारों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन के बीच की दूरी कम करना तथा बेहतर अनुपालन, कार्यबल की क्षमता और संगठनात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम की शुरुआत टीएचडीसीआईएल के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन एवं कॉर्पोरेट संचार) डॉ. ए.एन. त्रिपाठी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए नए श्रम कोड पर सार्थक विचार-विमर्श की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के पूर्व उप महानिदेशक विनय त्रिवेदी, एस.एस. राणा एंड कंपनी के एसोसिएट पार्टनर रुपिन चोपड़ा, एसएचआरएम के वरिष्ठ निदेशक, सलाहकार एवं व्यवसाय प्रमुख (पीएसई) आशीष कौल सहित श्रम प्रशासन, मानव संसाधन और उद्योग जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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