ऋषिकेश, 27 अप्रैल।चारधाम यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता अब जमीन पर भी दिखने लगी है। योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पुरुष प्रतीक्षालय में दो संदिग्ध व्यक्तियों के छिपे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, एटीएस, आरपीएफ, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस टीमों ने मौके पर धावा बोल दिया और पूरे स्टेशन को छावनी में तब्दील कर दिया।
यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य संभावित आतंकी खतरे या आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
सूचना मिलते ही कोतवाली ऋषिकेश और जीआरपी टीम हरकत में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर नियंत्रण कक्ष और उच्च अधिकारियों को तुरंत अलर्ट किया गया। कुछ ही मिनटों में ATS, Railway Protection Force, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस अधिकारियों ने तत्काल पूरे क्षेत्र को खाली कराया और प्लेटफॉर्म के आसपास की घेराबंदी कर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिससे किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
इसके बाद एटीएस टीम ने अत्यंत सतर्कता के साथ संदिग्धों को चारों ओर से घेर लिया। उन्हें सुरक्षित तरीके से जीरो प्लेटफॉर्म के एकांत स्थान पर ले जाकर गहन तलाशी ली गई और पूछताछ की गई। हालांकि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूरे ऑपरेशन के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस टीम भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहीं।
इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश के निर्देशन में किया गया, जिसमें कोतवाली ऋषिकेश, जीआरपी, एटीएस, एलआईयू, आरपीएफ, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
अधिकारियों के अनुसार, चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की मॉक ड्रिल बेहद आवश्यक है। इससे न केवल सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी का परीक्षण होता है, बल्कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।
यह अभ्यास स्पष्ट संकेत देता है कि इस बार चारधाम यात्रा में सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है।












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