देहरादून 25 अप्रैल।पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में परिसर में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया, जो राज्य में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स स्थापित करने के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों व उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे न केवल ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ करने को कहा।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधरोपण अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को स्थायी बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री आवास में 45 दिन में 520 किलो शहद उत्पादन, मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा: पुष्कर सिंह धामी













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