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गोरखा समाज के उत्थान और हितों के लिए सरकार संवेदनशील : पदम सिंह थापा,  गोरखाली सुधार सभा ऋषिकेश के वार्षिक अधिवेशन का हुआ आयोजन 


ऋषिकेश, 15 जून। गोरखाली सुधार सभा विधानसभा ऋषिकेश का वार्षिक अधिवेशन रविवार को आईडीपीएल स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गोरखाली सुधार सभा के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह थापा, प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रभा शाह तथा प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल छेत्री ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर क्षेत्र के गोरखा समाज के लोगों का मार्गदर्शन किया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गोरखा कल्याण परिषद का गठन किया जाना गोरखा समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार गोरखा समुदाय के हितों के प्रति संवेदनशील है तथा समाज के विकास और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड में लगभग 15 लाख गोरखा मतदाता हैं और सरकार उनकी समस्याओं तथा आवश्यकताओं को गंभीरता से लेकर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि गोरखाली सुधार सभा प्रदेशभर में आर्थिक रूप से कमजोर गोरखा परिवारों के सहयोग के लिए विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम संचालित करती है। सभा द्वारा जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा सकें। इसी क्रम में अधिवेशन के दौरान सात विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाज की एकता, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण तथा सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज के लोगों से संगठित होकर समाज हित में कार्य करने तथा नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।
अधिवेशन में शिव कुमार गौतम, अशोक थापा, सुनील शाही, ऋषिकेश शाखा अध्यक्ष माया घाले, रायवाला शाखा अध्यक्ष टीका बहादुर थापा, राजू थापा, प्रिया ढकाल, किशन शर्मा, पंडित दुर्गा अधिकारी, गीता थापा सहित बड़ी संख्या में गोरखा समाज के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन गोरखाली सुधार सभा के पूर्व शाखा अध्यक्ष के.बी. रेग्मी ने किया। अधिवेशन में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने गोरखा समाज की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का परिचय दिया।


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