ऋषिकेश 06 जून। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन तथा नगर निगम बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में नगर निगम के महापौर एवं पार्षदों ने शुक्रवार को लाल पानी प्लांट का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने प्लांट की कार्यप्रणाली, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था तथा वर्तमान संचालन की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।
महापौर और पार्षदों ने संबंधित अधिकारियों से प्लांट की व्यवस्थाओं, अपशिष्ट निस्तारण की प्रक्रिया और पर्यावरणीय मानकों के पालन संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी कार्य पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ संपादित किए जाएं।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्लांट की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना रहा। जनप्रतिनिधियों ने प्लांट के संचालन में सुधार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए।
महापौर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम निरंतर कार्य कर रहा है तथा लाल पानी प्लांट की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने निरीक्षण में शामिल सभी पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नगर के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में जनप्रतिनिधियों का सहयोग महत्वपूर्ण है। उनके सुझावों से नगर निगम को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पार्षद एवं प्लांट के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। संयुक्त निरीक्षण को नगर में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन को लेकर महापौर व पार्षदों ने किया लाल पानी प्लांट का निरीक्षण













Leave a Reply