ऋषिकेश, 15 जून। मुनिकीरेती स्थित शत्रुघ्न घाट पर जल पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और पेशेवर रेस्क्यू कौशल के चलते गंगा नदी में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की जान बचा ली गई। जल पुलिस की तत्परता से संभावित बड़े हादसे टल गए और सभी व्यक्तियों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया।
पहली घटना दोपहर लगभग 12:50 बजे की है। गंगा स्नान के दौरान एक युवक अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने युवक को बहता देख शोर मचाया और तत्काल सहायता की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही मौके पर तैनात जल पुलिस रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई और बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया।
तेज धारा के बीच जल पुलिस के प्रशिक्षित जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए युवक तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान सत्येंद्र कुमार (22 वर्ष) पुत्र हजारीलाल, निवासी जितना, जिला मोतिहारी, बिहार के रूप में हुई। युवक पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
वहीं दूसरी घटना सायं लगभग 5:35 बजे हुई। अमरोहा, उत्तर प्रदेश से आए 10 श्रद्धालुओं का एक समूह शत्रुघ्न घाट पर गंगा स्नान कर रहा था। इसी दौरान समूह के चार सदस्य अचानक नदी के तेज बहाव में फंस गए और डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों द्वारा मदद के लिए आवाज लगाने पर जल पुलिस टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
जल पुलिस के जवानों ने त्वरित एवं साहसिक प्रयासों से चारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण चारों की जान बच गई। सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं में प्रिंस यादव (18 वर्ष) पुत्र ऋषिराज यादव, तानिया यादव पुत्री राजेंद्र यादव, प्रियंका यादव (14 वर्ष) पुत्री मुकेश यादव तथा ऋषिका यादव (16 वर्ष) पुत्री सोनू यादव शामिल हैं। सभी निवासी सालीसराह, जनपद अमरोहा, उत्तर प्रदेश हैं।
रेस्क्यू के बाद बचाए गए लोगों, उनके परिजनों तथा घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जल पुलिस टीम के साहसिक और सराहनीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनका आभार व्यक्त किया।
जल पुलिस थाना मुनिकीरेती की रेस्क्यू टीम द्वारा किए गए इन सफल अभियानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि घाटों पर तैनात सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
इस अवसर पर जल पुलिस एवं प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि गंगा स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें तथा नदी के तेज बहाव और गहरे क्षेत्रों में जाने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से चेतावनी बोर्डों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल पुलिस मुनिकीरेती द्वारा गंगा घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।













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