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ऋषिकेश से शुरू हुई श्री हेमकुंट साहिब यात्रा, उपराज्यपाल  ने रवाना किया पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था


ऋषिकेश, 20 मई। सिख श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री हेमकुंट साहिब की वार्षिक यात्रा का शुभारंभ बुधवार को ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला मार्ग के गुरुद्वारा परिसर से श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल  सरदार तरनजीत सिंह संधू ने पंज प्यारों की अगुवाई में पहले जत्थे को रवाना कर यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर एवं दरबार हॉल को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक विद्युत सज्जा और विशेष सजावटी सामग्री से भव्य रूप दिया गया था। सुबह से ही देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गुरुद्वारा परिसर में उमड़ पड़ी। प्रातः 11:30 बजे गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा तथा अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि उपराज्यपाल का पारंपरिक ढंग से भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल सहित सभी विशिष्ट अतिथि गुरुद्वारा दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से उन्हें सिरोपा, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, पंज प्यारों का भी विशेष सम्मान किया गया। समारोह में सिख समुदाय के आठ वर्षीय प्रतिभाशाली बालक रणवीर सिंह सचदेवा को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
धार्मिक आयोजन के तहत रागी जत्थों एवं गुरमत संगीत बाल विद्यालय के विद्यार्थियों ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया। इसके बाद पुष्पवर्षा, बैंड-बाजों की मधुर धुनों तथा “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों के बीच पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था श्री हेमकुंट साहिब के लिए रवाना हुआ।
अपने संबोधन में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सिख धर्म की महान परंपराओं, श्री हेमकुंट साहिब यात्रा की आध्यात्मिक महत्ता तथा यात्रा की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुखद, सुरक्षित और निर्विघ्न यात्रा की कामना की। उन्होंने प्रशासन एवं गुरुद्वारा ट्रस्ट द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए उत्कृष्ट प्रबंधों की सराहना भी की। कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने लंगर हॉल में संगत के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
समारोह में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, उत्तराखंड माइनॉरिटीज एजुकेशन अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. सुरजीत सिंह, उत्तराखंड माइनॉरिटीज कमीशन की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सलाहकार चंदोक, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, पंजाब के राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत सिंह संधू, उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, ऋषिकेश नगर निगम के महापौर शंभू पासवान सहित अनेक संत-महात्मा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा दिल्ली, पंजाब एवं विभिन्न देशों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल के कार्यों पर आधारित पुस्तक “गुरसेवक” का विमोचन भी किया गया। साथ ही डॉ. गुरदीप कौर द्वारा लिखित पुस्तक “समरी ऑफ़ कृष्ण अवतार फ्रॉम दशम ग्रंथ साहिब” का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने संगत से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने, प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने गुरु महाराज से सभी श्रद्धालुओं की सफल एवं मंगलमय यात्रा के लिए अरदास भी की।


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