Advertisement

स्वामी निखिलेश्वर नन्द बने महामण्डलेश्वर, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का लिया संकल्प


ऋषिकेश 29 अप्रैल। ऋषिकेश से एक महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक निर्णय सामने आया है, जहां षड्दर्शन साधु समाज, अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा एक विशेष समारोह में संत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक नया अध्याय जोड़ा गया। 
समिति द्वारा विक्रम संवत् 2083, वैशाख शुक्ल पक्ष दशमी (बुधवार, 29 अप्रैल 2026) के शुभ अवसर पर लक्ष्मण झूला रोड स्थित कबीर चौरा आश्रम में 1008 स्वामी निखिलेश्वर नन्द महाराज को उपस्थित सभी संतो महंतो द्वारा विधिवत रूप से मंत्र उच्चारण कर पट्टाभिषेक सुशोभित करके महामण्डलेश्वर पद पर आसीन किया गया। जिसके लिए समिति द्वारा आधिकारिक प्रमाण पत्र भी जारी कर उन्हें सौंपा गया। 
यह निर्णय समिति के शीर्ष संतों और पदाधिकारियों की सहमति से लिया गया, जो कि सनातन धर्म की परंपराओं और मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्वामी निखिलेश्वर नन्द महाराज, जो कि श्री 1008 पूज्य स्वामी शरणानन्द जी महाराज के शिष्य हैं, वर्तमान में यशोदा भवन आश्रम, सोंख अड्डा, गोवर्धन (मथुरा, उत्तर प्रदेश) से जुड़े हुए हैं। उन्हें महामण्डलेश्वर बनाए जाने के साथ ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे सनातन धर्म का देश-विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार करें और साधु-संतों की मर्यादा का पूर्ण पालन करते हुए समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करें।
समिति के पदाधिकारियों ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी निखिलेश्वर नन्द का जीवन साधना, सेवा और धर्म के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनके अनुभव और आध्यात्मिक ज्ञान से निश्चित रूप से समाज को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष स्वामी चेतनानंद जी एवं परमाध्यक्ष श्री महंत गोपाल गिरी जी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए सनातन संस्कृति की रक्षा और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि समिति, जो कि 1860 के अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक राष्ट्रीय धार्मिक संगठन है, का मुख्यालय ऋषिकेश में स्थित है तथा इसकी शाखाएं देश के विभिन्न प्रांतों, जिलों, नगरों और गांवों में सक्रिय हैं। यह संगठन वर्षों से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के निर्णय न केवल संत परंपरा को सशक्त बनाते हैं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और धार्मिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। स्वामी निखिलेश्वर नन्द महाराज फ़का महामण्डलेश्वर पद पर आसीन होना संत समाज का एक महत्वपूर्ण अंग साबित होगा।
इस मौके पर महामंडलेश्वर ब्रह्मानंद जी सचिव महंत कपिल मुनि, कोषाध्यक्ष महंत इंदर गिरी , महंत ब्रह्मऋषि महराज,सहित अन्य संत भक्त शिवदत्त शर्मा ,पीयूष अग्रवाल, रजत अग्रवाल ,दिव्यम अग्रवाल, बसंत कानोडिया, लक्ष्मी, कानोडिया, नेहा अग्रवाल,  राम वर्मा, रवि गुप्ता,  विजय कुमार, आदि उपस्थित थे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *