ऋषिकेश 07 अप्रैल। ऋषिकेश के माया कुंड स्थित भगवान गिरी आश्रम में ब्रह्मलीन भगवान गिरी महाराज का 39वां निर्वाण उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक तीन दिवसीय रामायण पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

मंगलवार को आश्रम परिसर में शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन के दौरान अखंड रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन 7 अप्रैल को ब्रह्मलीन भगवान गिरी महाराज के निर्वाण उत्सव के अवसर पर भोग लगाए जाने के साथ किया गया।
इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

निर्वाण उत्सव के उपलक्ष्य में रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायकों ने गुरु वंदना और भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरी रात चले भजनों और कीर्तन से आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
निर्वाण उत्सव के अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए षड दर्शन साधु समाज एवं अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा भगवान गिरी आश्रम के पीठाधीश्वर बाबा भूपेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि गुरु की दी हुई प्रेरणा और अंतर्मन से दिया गया आशीर्वाद शिष्य के जीवन में हमेशा कल्याणकारी सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि सच्चे गुरु की शिक्षा मनुष्य को धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। गुरु की कृपा से ही व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य को समझ पाता है और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन भगवान गिरी महाराज का जीवन सादगी, सेवा और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक रहा है। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में धर्म और संस्कृति की रक्षा की जा सकती है।
इस अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आश्रम से जुड़े संत-महात्माओं, भक्तों और क्षेत्रीय लोगों का विशेष सहयोग रहा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर निरंजन अखाड़े के सभी पंचों सहित महामंडलेश्वर अनंत गिरी महाराज, हरि किरण महाराज,राजगिरी महाराज ,राम रतन महाराज, रामायणी दास महाराज, केशव स्वरूप ब्रह्मचारी,
महंत रामकृपाल गौतम, महंत कपिल मुनि महंत रवि शास्त्री, महंत विनय सारस्वत, महामंडलेश्वर दुर्गा दास महाराज,
मनोहर लाल, जतिन विरमानी, सोनू ,गोपाल विरमानी, जगमोहन विरमानी, दर्शन लाल, विनोद शर्मा सहित काफी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया।
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