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ऋषिकेश से शुरू हुआ सेवा पखवाड़ा, ₹219 करोड़ की 51 योजनाओं की सौगात, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ,  जनसेवा को सरकार का मूल मंत्र अपनाते हुए 2035 तक होगा विकसित उत्तराखंड, सेवा पखवाड़ा के तहत गांव-गांव पहुंचें अधिकारी: पुष्कर सिंह धामी 


ऋषिकेश 4 जुलाई। आईडीपीएल ग्राउंड में शनिवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून और सख्त भू-कानून प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्विकास, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और निवेश सम्मेलनों ने राज्य को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर को उत्सव नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, कृषि और उद्योग क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद-दो उत्पाद और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा पखवाड़ा के दौरान गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए तथा पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से राज्य को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

कार्यक्रम  में उपस्थित  राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तभी है जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक मुख्यमंत्री पद का दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए इसे जनता के विश्वास और विकास की निरंतरता का प्रतीक बताया।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर समानता, न्याय और सामाजिक समरसता को मजबूत किया है। उन्होंने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर प्रावधान और प्रभावी भू-कानून को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्विकास, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और पर्यटन क्षेत्र में हुए विस्तार ने उत्तराखंड को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।


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