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टूटे बिजली के तार ने बुझाए मां-और उसकी 2 वर्षीय बेटी के जीवन के दीप,  करंट लगने से दोनों की मौत विद्युत विभाग के अधिकारयों पर हुआ मुकदमा दर्ज, निलंबन की कार्रवाई हुई तेज


ऋषिकेश, 17 अगस्त। श्यामपुर क्षेत्र के लक्कड़घाट में रविवार को बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से मां और उसकी दो वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा शिव मंदिर वाली गली में विवेका एकेडमी के समीप हुआ। सड़क पर टूटकर गिरे बिजली के तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही महिला और उसकी गोद में मौजूद मासूम बच्ची तार के संपर्क में आ गईं। करंट लगने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है, जबकि स्थानीय लोगों में विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार लक्कड़घाट निवासी हरपाल सिंह की पत्नी सुमन देवी अपनी दो वर्षीय बेटी सृष्टि को गोद में लेकर छोटी बहन रीना देवी के यहां से अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह शिव मंदिर वाली गली में विवेका एकेडमी के पास पहुंचीं, सड़क पर टूटकर पड़े बिजली के तार की चपेट में आ गईं। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण सुमन देवी और उनकी मासूम बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मां-बेटी की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मृतका के पति हरपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में हादसे के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरा हुआ था और उसमें करंट दौड़ रहा था। यदि समय रहते तार को हटाया जाता अथवा विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती तो हादसे को टाला जा सकता था।
हरपाल सिंह ने विद्युत विभाग के  संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही  उनके निलंबन की कार्रवाई भी तेज हो चुकी है
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में   मुकदमा दर्ज किया है। मामले में विद्युत विभाग के जेई, एसडीओ और अभियंता को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब हादसे के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली का तार किन परिस्थितियों में टूटा, वह कितनी देर तक सड़क पर पड़ा रहा और उसमें करंट प्रवाहित क्यों होता रहा। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि विभाग को टूटे तार की सूचना पहले मिली थी या नहीं और सूचना मिलने के बाद विद्युत आपूर्ति बंद करने अथवा तार को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई।
दर्दनाक हादसे ने आबादी वाले इलाकों में विद्युत तारों की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले और जर्जर तारों की नियमित निगरानी तथा समय रहते मरम्मत नहीं होने से लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। सड़क पर टूटे तार में करंट प्रवाहित होने की घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

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