देहरादून 11 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण, बाढ़ सुरक्षा, मार्गों के पुनर्निर्माण, हेलीपैड निर्माण और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए करीब 74 करोड़ रुपये की धनराशि के अनुमोदन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री के इन फैसलों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिलने के साथ ही शिक्षा, सड़क, बाढ़ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिले के बेड़ा-मझड़ा (करीमपुर) में हेलीपैड निर्माण के लिए 8.91 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। वहीं गंगोत्री धाम में सीवर लाइन तथा छूटे हुए घरों और सार्वजनिक शौचालयों से संबंधित कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा अभियोजन कार्यालय में अभियोजन अधिष्ठान के अंतर्गत अवशेष धनराशि के लिए 8.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
स्कूलों की क्षतिग्रस्त सुविधाओं की होगी मरम्मत
आपदा के कारण विद्यालय परिसरों में क्षतिग्रस्त आधारभूत सुविधाओं की त्वरित मरम्मत और विद्यार्थियों व कार्मिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों के लिए 15 करोड़ रुपये और प्रारंभिक शिक्षा के विद्यालयों के लिए 15 करोड़ रुपये, यानी कुल 30 करोड़ रुपये राज्य आपदा मोचन निधि से पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इससे आपदा प्रभावित विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को जल्द सामान्य करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और देहरादून जिलों के लिए राहत एवं बचाव, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण तथा तैयारी एवं क्षमता निर्माण से संबंधित विभिन्न मदों में 1.08 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
खटीमा के सात गांवों में बाढ़ सुरक्षा को 4.01 करोड़
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा विकासखंड के सात गांवों में नदी और नालों से आने वाली बाढ़ से आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए 4.01 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। वहीं भारत-नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी के दाएं पार्श्व में स्थित सिसैया, मेलाघाट गांवों और एसएसबी कैंप कार्यालय की बाढ़ सुरक्षा के लिए 4.62 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।
चमोली में क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने के लिए 3.18 करोड़
चमोली जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 तथा वर्ष 2021 से पूर्व ओपन कम्युनिकेशन के तहत आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने और मार्गों से मलबा हटाने के लिए इस्तेमाल की गई जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के बिलों के भुगतान के लिए राज्य आपदा मोचन निधि के राहत एवं बचाव मद से 3.18 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके अलावा नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट परियोजना के लिए 3.27 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
आपदा प्रबंधन तंत्र को भी मिलेगा मजबूती
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के उपकरणों के रखरखाव के लिए 2 करोड़ रुपये, सैटेलाइट फोन के रिचार्ज के लिए 1.90 करोड़ रुपये, विश्व बैंक सहायतित परियोजना के तहत जिलों में स्थापित उपकरणों के रखरखाव एवं मानदेय तथा जोशीमठ भूस्खलन कंट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञों के मानदेय के लिए 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसी तरह विभिन्न मॉक अभ्यासों के आयोजन के लिए 60 लाख रुपये तथा प्राधिकरण में तैनात ईईआरएस कार्मिकों के मानदेय के लिए 18 लाख रुपये राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास मद से अवमुक्त करने का अनुमोदन किया गया है।
शहीद मंदीप सिंह नेगी के नाम पर होगा मोटर मार्ग
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अंतर्गत चलकुडिया-मसमोली-नौखोली मोटर मार्ग का नाम शहीद मंदीप सिंह नेगी मोटर मार्ग रखे जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से शहीद की स्मृति को सम्मान देने के साथ उनके योगदान को सदैव याद रखने का संदेश जाएगा।
मुख्यमंत्री के इन निर्णयों से प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों, विद्यालयों की व्यवस्थाओं, बाढ़ सुरक्षा उपायों, सड़क संपर्क और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास और आपदा राहत कार्यों के लिए मंजूर किए 74 करोड़ रुपये विद्यालयों की क्षतिग्रस्त सुविधाओं की मरम्मत के लिए 30 करोड़, हेलीपैड निर्माण को 8.91 करोड़ और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए करोड़ों की योजनाओं को स्वीकृति













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