चकरपुर 28 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर हाईटेक टॉयलेट विकसित करने, रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की आयु सीमा घटाने, पिंक ई-बसें संचालित करने तथा महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती ऋण की सीमा बढ़ाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे। इनमें स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए उत्तराखण्ड रोडवेज बसों में उपलब्ध मुफ्त यात्रा की सुविधा अब 60 वर्ष की आयु से लागू करने की घोषणा की। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। नई व्यवस्था से प्रदेश की बड़ी संख्या में महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखण्ड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जाएगा, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सके।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने का है।
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का प्रेम, स्नेह और विश्वास उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि एक भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली को अपना धर्म मानता है और इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जन-धन योजना के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। मुद्रा योजना से स्वरोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने का अवसर मिला, जबकि उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से राहत दी। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से घर-घर शौचालय निर्माण कर महिलाओं के सम्मान और गरिमा को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सभी विकासखंडों में इसके लिए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस यात्रा में उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एक भाई के रूप में हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।”













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