देहरादून 9 सितंबर। जनपद में ऋण और ऋण बीमा के नाम पर लगातार मिल रही फर्जीवाड़े की शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने एनबीएफसी और एचएफसी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, रिकवरी तथा फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों की समीक्षा की। डीएम ने स्पष्ट किया कि आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से ऋण दिलाने वाले एजेंटों, बिचौलियों और संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को संबंधित विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल कर समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति संदिग्ध ऋण प्रकरणों, शिकायतों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी। इसके लिए हर माह समीक्षा बैठक आयोजित करने और उसकी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
डीएम ने कहा कि गंभीर और संदिग्ध ऋण फर्जीवाड़े के मामलों में आवश्यकता के अनुसार एसआईटी जांच कराई जाएगी। जांच में किसी बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की वास्तविक आर्थिक एवं पुनर्भुगतान क्षमता का समुचित परीक्षण किए बिना एजेंटों के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराया गया है तो संबंधित संस्था के प्रबंधक और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।
एनबीएफसी-एचएफसी से मांगी ऋण और रिकवरी की सूची
जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी एनबीएफसी एवं एचएफसी को वितरित ऋणों और लंबित रिकवरी मामलों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इन सूचनाओं की जांच कर संदिग्ध मामलों को चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने वित्तीय संस्थाओं को ऋण वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसडीएम अपने क्षेत्रों में गठित करेंगे टास्क फोर्स
सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम अपने क्षेत्र में संचालित एनबीएफसी और एचएफसी की सूची तैयार करने के साथ ही मनीलेंडरों तथा ऋण उपलब्ध कराने के नाम पर सक्रिय एजेंटों का विवरण भी जुटाएंगे। प्रशासन इनकी गतिविधियों की जांच कर संदिग्ध नेटवर्क की पहचान करेगा।
डीएम ने आरबीआई प्रतिनिधि को भी संदिग्ध एवं फर्जी तरीके से संचालित एजेंसियों की जानकारी साझा करने और आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को ऋण के नाम पर ठगने वाले पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाएगा और आर्थिक धोखाधड़ी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा, लीड बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, आरबीआई प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न एनबीएफसी एवं एचएफसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ऋण फर्जीवाड़े पर सख्त हुआ जिला प्रशासन, संदिग्ध मामलों की होगी एसआईटी जांच एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा, दोषी बैंक-एनबीएफसी अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई













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