ऋषिकेश 9 सितंबर। योग नगरी ऋषिकेश के सुनियोजित एवं समग्र विकास को लेकर ऋषिकेश महापरियोजना को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। सरकार की योजना के तहत ऋषिकेश को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित शहर के रूप में आगे बढ़ाने के साथ ही इसकी प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को भी संरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित महापरियोजना के तहत आवास, पर्यटन और यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव की योजना है। शहर की बढ़ती आबादी और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस किया जाएगा।
ऋषिकेश की पहचान योग और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में है। ऐसे में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के साथ शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
परियोजना में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। गंगा, वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
महापरियोजना का क्षेत्र देहरादून, पौड़ी और टिहरी तीन जिलों से जुड़ा बताया गया है। ऐसे में परियोजना के क्रियान्वयन में संबंधित क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य ऋषिकेश को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने के साथ उसकी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को बनाए रखना है।













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