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ऋषिकेश में 357 करोड़ की लागत से भूमिगत होंगी बिजली लाइनें 357 करोड़ की आरडीएसएस योजना से बदलेगी ऋषिकेश की विद्युत व्यवस्था 33 केवी की 48, 11 केवी की 103 और एलटी की 111 किलोमीटर लाइनें होंगी भूमिगत


ऋषिकेश, 29 सितंबर। ऋषिकेश शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वीरभद्र मार्ग पर विद्युत विभाग की आरडीएसएस (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत विद्युत लाइनों को भूमिगत करने की योजना का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल तथा नगर निगम महापौर शंभू पासवान ने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में भूमि पूजन कर योजना का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को मिष्ठान खिलाकर शुभकामनाएं दीं। योजना के तहत ऋषिकेश के कोयल घाटी क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में 33 केवी की 48 किलोमीटर, 11 केवी की 103 किलोमीटर तथा एलटी लाइन की 111 किलोमीटर विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत करीब 357 करोड़ रुपये है।

इस मौके पर. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से ऋषिकेश शहर को लंबे समय से दिखाई देने वाले बिजली के तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी। इससे शहर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी और विद्युत आपूर्ति को अधिक सुचारु एवं निर्बाध बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भूमिगत विद्युत व्यवस्था से विद्युत चोरी की आशंका पर अंकुश लगाने के साथ ही विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। इससे विद्युत व्यवस्था अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी। उन्होंने परियोजना को ऋषिकेश के विकास और आधुनिक विद्युत ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
डॉ. अग्रवाल ने योजना को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की धामी सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आरडीएसएस योजना ऋषिकेश के लिए बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश को आधुनिक, सुंदर, सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से युक्त शहर बनाने की दिशा में विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। विद्युत लाइनों का भूमिगत होना इसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है।

इस अवसर पर महापौर शंभू पासवान  ने कहा कि विद्युत लाइनों के भूमिगत होने से ऋषिकेश शहर को लंबे समय से लटके बिजली के तारों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी, जिससे तीर्थनगरी के स्वरूप और सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही शहरवासियों एवं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध व सुचारु विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना, उपखंड अधिकारी गुरदीप सिंह, अपर अभियंता श्याम सुंदर, नगर निगम के कई पार्षद सहित स्थानीय लोग एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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