ऋषिकेश 4 अक्टूबर। उत्तराखंड सरकार के पूर्व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र उनियाल ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता सहित पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। करीब चार दशक लंबे राजनीतिक सफर के बाद लिए गए इस फैसले को उन्होंने काफी विचार-विमर्श के बाद लिया गया निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिस्थितियों में समय-समय पर तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा जरूरी है।
रविवार को एक पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए रमेश चंद्र उनियाल ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1985 में युवा कांग्रेस के माध्यम से सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी। वर्ष 1985 से 1987 तक वे युवा कांग्रेस मुनि की रेती के अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1987 से 1989 तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और 1989 से 1992 तक नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 से 1995 तक उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल में उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्ष 1995 से 2000 तक कांग्रेस सेवादल उत्तर प्रदेश में प्रदेश संगठन मंत्री तथा वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तराखंड कांग्रेस सेवादल में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2002 से 2004 तक भी उन्होंने प्रदेश संगठन मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2005 से वे गढ़वाल मंडल विकास निगम की जिम्मेदारी से जुड़े रहे।
उन्होंने बताया कि राजनीतिक जीवन के दौरान उन्हें देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों में भी जाने का अवसर मिला। फरवरी 2014 से मार्च 2016 तक उन्होंने उत्तराखंड सरकार में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वे लंबे समय तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे। जिला सहकारी बैंक टिहरी गढ़वाल और उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक में निर्वाचित निदेशक के रूप में भी उन्होंने काम किया।
रमेश उनियाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने के बाद फिलहाल उनका किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी की सदस्यता लेने के बजाय सक्षम और योग्य उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनके कई सहयोगियों की राय थी कि कांग्रेस छोड़ने के बाद किसी अन्य दल में शामिल होकर राजनीतिक सफर को सीमित करने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करना बेहतर होगा। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल का उम्मीदवार सक्षम और श्रेष्ठ हो सकता है, इसलिए परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए।
उनियाल ने कहा कि चार दशक पुराना राजनीतिक रिश्ता समाप्त करना आसान नहीं है, लेकिन समय के साथ परिस्थितियों का आकलन करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से अलग होने के बाद अब वे स्वयं को पहले से अधिक स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं।
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