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3 से 6 वर्ष के शिशुओं के सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों एवं अभिभावकों को जागरूक करने हेतु शिशु नगरी कार्यक्रम का हुआ आयोजन


ऋषिकेश 31 जनवरी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वाधान में जातीराम अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर, आदर्श नगर, ऋषिकेश में 3 से 6 वर्ष के शिशुओं के सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों एवं अभिभावकों को जागरूक करने हेतु शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा का स्वरुप प्रदान करने वाले शिक्षा शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, भावनात्मक, रचनात्मक, भाषाई, पर्यावरणीय एवं राष्ट्रभाव से जुड़े 12 आयामों पर झांकियां के माध्यम से दर्शा कर प्रकाश डाला गया।
जिसके द्वारा यह बताया गया कि प्रारंभिक अवस्था में इन सभी आयामों का संतुलित विकास ही शिशु के भविष्य को सशक्त बनाता है।

शिशु नगरी कार्यक्रम में प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा 2 तक के छात्र छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से कराये जाने वाले गतिविधि एवं क्रिया आधारित शिक्षण की झलकियों की प्रस्तुतियां पेश की गई।

इस मौके पर विद्यालय के व्यवस्थापक दीपक तायल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष के शिशुओं के सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों एवं अभिभावकों को जागरूक करना रहा।
शिशु नगरी कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और मूल्य आधारित शिक्षा को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में गतिविधियों, खेलों एवं संवाद के माध्यम से बच्चों की रुचि और जिज्ञासा को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। शिशु मंदिर द्वारा दी जा रही शिक्षा नन्हे से बालकों का अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश एवं आनन्दमय कोश का सम्पूर्ण विकास करती है।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्थानीय विधायक प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना एवं नैतिक मूल्यों का विकास होता है।

इस अवसर पर पहुंची अतिथि महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि बच्चे स्कूल में केवल बैगलेस ही नहीं इन दो दिन वह अपने बैग को छोड़कर अपनी प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करते है। जिस तरह समझ में आज का वातावरण बेटियों के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। शिशु मंदिर द्वारा दिए गए बच्चों को दिए गए संस्कार ही परिवार ,समाज और राष्ट्र को सुरक्षित रख सकते है। समाज को टूटने से बचने के लिए हमें बच्चों को नशे से मुक्त तथा संस्कार युक्त बनाना होगा साथ ही बच्चों को ऐसी शिक्षा देनी होगी कि वह सोशल मीडिया से भी निश्चित दूरी बनाकर रखे।

इस मौके पर अध्यक्ष हरगोपाल अग्रवाल, व्यवस्थापक दीपक तायल,
कोषाध्यक्ष नवल किशोर कपूर , प्रधानाचार्य गुरु प्रसाद उनियाल, स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, नगर निगम महापौर शंभू पासवान, पर्यवेक्षक विनोद रावत,जिला पर्यवेक्षक गीताराम पैन्यूली, राकेश बहुगुणा, गोपाल नारंग, कपिल गुप्ता, राजेंद्र पांडे, मुकेश डोभाल, पुरुषोत्तम बिजलवान, शोभित, समर बहादुर, भगवती प्रसाद व्यास, रामकृष्ण पोखरियाल सुभाष कोली,सुनील अग्रवाल, अतुल जैन, अभिनव अग्रवाल, आशु डंग, शिवम टुटेजा आदि मौजुद थे।


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