ऋषिकेश/देहरादून, 12 मार्च। जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस का अवैध संग्रहण, कालाबाजारी, बिचौलियों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर गैस एजेंसियों को भी सील किया जा सकता है।
यह निर्देश कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में दिए गए, जिसमें आयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ जनपद में घरेलू व व्यावसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई।
गैस शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
जिलाधिकारी के निर्देश पर एलपीजी और प्राकृतिक गैस से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए आपदा कंट्रोल रूम में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक गैस से जुड़ी समस्या या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 तथा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर संपर्क कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा अपर जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला पूर्ति अधिकारी तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि प्रतिदिन सुबह एक घंटे कंट्रोल रूम में बैठकर गैस वितरण, स्टॉक की स्थिति, बैकलॉग और सोशल मीडिया से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर उनका समाधान करेंगे।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता, ओटीपी से होगी होम डिलीवरी
बैठक में निर्देश दिए गए कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गैस वितरण में पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाएगी। घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली से सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर रोक लग सके।
यदि ऑनलाइन बुकिंग में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को अपना संपर्क नंबर उपलब्ध कराकर एजेंसी स्तर पर मैनुअल बुकिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगी।
25 दिन का लॉक-इन, फिर ही होगी दूसरी बुकिंग
गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि एक बार गैस सिलेंडर बुक होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन के बाद ही संभव होगी। जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था की जानकारी उपभोक्ताओं तक बल्क एसएमएस और एजेंसियों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाकर पहुंचाई जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
72 गैस एजेंसियां प्रशासन के रडार पर
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब प्रशासन की निगरानी में हैं। उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस क्षेत्राधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों के साथ गैस एजेंसियों पर छापेमारी कर स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की जांच करें।
यदि किसी एजेंसी में गैस का अवैध भंडारण, कालाबाजारी, बाहरी लोगों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी को तत्काल सील किया जाएगा।
घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग मिलने पर होगी जब्ती
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। यदि होटल, ढाबों या अन्य संस्थानों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग पाया जाता है तो सिलेंडर तुरंत जब्त करते हुए दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों और छात्रावासों को मिलेगी प्राथमिकता
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आवश्यक सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए। साथ ही गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देशित किया गया कि मांग के अनुरूप गैस एजेंसियों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
जनपद में लाखों उपभोक्ताओं को मिलती है गैस
बैठक में बताया गया कि देहरादून जनपद में वर्तमान में कुल 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ता और 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ता गैस सेवाओं से जुड़े हैं। गैस की आपूर्ति एचपीसीएल को भगवानपुर, बीपीसीएल को लंढौरा तथा इंडियन ऑयल को बादराबाद और लोनी गाजियाबाद से की जाती है।
अफवाहों से बचने की अपील
जिलाधिकारी ने जनमानस से अपील की कि गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक में आकर अनावश्यक गैस संग्रहण न करें। उन्होंने कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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