ऋषिकेश, 14 मार्च।ऋषिकेश शहर के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अत्याधुनिक LiDAR ड्रोन सर्वे की शुरुआत हो गई है। KfW द्वारा वित्तपोषित IUIDR (इंटीग्रेटेड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इन ऋषिकेश) परियोजना के अंतर्गत इस हाई-टेक सर्वे का विधिवत शुभारंभ त्रिवेणी घाट के समीप चंद्रभागा संगम पर ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान ने किया।
पूरे ऋषिकेश शहर में इतने बड़े स्तर पर अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सर्वे किया जा रहा है, जिससे शहर के विकास कार्यों को वैज्ञानिक आधार मिलेगा।
इस अवसर पर बताया गया कि LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) तकनीक वर्तमान में दुनिया की सबसे सटीक और उन्नत तकनीकों में से एक मानी जाती है। इसका उपयोग टोपोग्राफिकल डेटा संग्रह, 3डी बिल्डिंग डिजाइन और जटिल शोध कार्यों में व्यापक रूप से किया जाता है।
महापौर के सहयोग, प्रोग्राम डायरेक्टर अभिषेक रुहेला के दिशा-निर्देशन और परियोजना प्रबंधक ई. जतिन सैनी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पहली बार ‘डिजिटल ट्विन’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में यह ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
मौके पर मौजूद टीम के सदस्य और GIS विशेषज्ञ अंकित सिंह ने बताया कि LiDAR और ऑब्लिक RGB सर्वे के संयोजन से पूरे शहर की प्रत्येक इमारत का फ्लोर स्तर तक बेहद सटीक 3डी मैप तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस 3डी डेटा को भविष्य में हाउसहोल्ड सर्वे के आंकड़ों के साथ जोड़ा जाएगा। इससे नगर निगम को एक ऐसा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलेगा, जिसके माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स का सटीक आकलन और पारदर्शी वसूली संभव हो सकेगी।
इसके साथ ही यह तकनीक शहर में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी, बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह और भविष्य की परियोजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस पहल से ऋषिकेश में स्मार्ट और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी और शहर के समग्र विकास में मदद
ऋषिकेश में शुरू हुआ अत्याधुनिक LiDAR ड्रोन सर्वे, ‘डिजिटल ट्विन’ की दिशा में बड़ा कदम












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