चम्पावत। पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला के भव्य शुभारंभ अवसर पर जनपद चम्पावत को बड़ी विकास सौगात देते हुए कुल ₹7454.74 लाख (₹74.54 करोड़) की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपदों के संतुलित विकास, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा चम्पावत को धार्मिक एवं ईको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा पाँच प्रमुख योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर चलथी नदी के ऊपर ₹5014.00 लाख की लागत से निर्मित 690 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड दो लेन मोटर सेतु का लोकार्पण प्रमुख रहा। इस सेतु के निर्माण से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और नेपाल सीमा से जुड़े व्यापार एवं पर्यटन को भी गति मिलेगी।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा एवं राजी जनजाति के उत्थान हेतु ग्राम खिरद्वारी में ₹60 लाख की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ₹659 लाख की लागत से राजकीय पशु प्रजनन फार्म, नरियाल गांव (चम्पावत) के प्रथम चरण के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिससे पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में गुरु गोरखधाम में ₹271.39 लाख की लागत से विकसित पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही श्यामलाताल क्षेत्र को ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ₹490.94 लाख की लागत से किए गए लेक फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹959.49 लाख की चार नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधायक निधि से स्वीकृत ₹498.50 लाख के विभिन्न जनोपयोगी निर्माण कार्य शामिल हैं। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तहसील बाराकोट में ₹302.50 लाख की लागत से अनावासीय भवन निर्माण कार्य, मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत ब्रिडकुल द्वारा एड़ी मेला स्थल, कालूखान के सौंदर्यीकरण हेतु ₹81.50 लाख की परियोजना तथा नगर पंचायत बनबसा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में ₹76.90 लाख की लागत से पार्क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ पूर्णागिरि धाम में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और मेले के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सरकार द्वारा आधारभूत सुविधाओं, सड़क, पुल, पर्यटन और जनजातीय कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि सीमांत क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सीमांत जनपद के विकास को रफ्तार:, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रखी करोड़ों की योजनाओं की आधारशिला












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