ऋषिकेश 2 मार्च। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के अंतर्गत नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला द्वारा राजकीय प्राथमिक विद्यालय लाल बहादुर शास्त्री ढलवाला में छात्र-छात्राओं के साथ “स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन पाठशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों एवं पालिका प्रतिनिधियों ने बताया कि स्वच्छ परिवेश न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह समाज की समग्र उन्नति से भी जुड़ा हुआ है।
कचरा पृथक्करण पर विशेष जोर देते हुए बच्चों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की सही विधि समझाई गई। उन्हें बताया गया कि घरों से ही यदि कचरे का सही वर्गीकरण शुरू हो जाए तो नगर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना आसान हो जाता है।
प्लास्टिक मुक्त जीवन के विषय में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए कपड़े या जूट के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को नियमित हाथ धोने, स्वच्छ परिसर बनाए रखने तथा अपने आसपास सफाई रखने की प्रेरणा दी गई।
पालिका प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करना तथा स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का यह संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा और स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर को बेहतर स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26: मुनिकीरेती-ढालवाला में ‘स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन पाठशाला’ का आयोजन












Leave a Reply