देहरादून 9 मार्च। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त मंत्री के रूप में सोमवार को राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया। इस बजट की सबसे खास बात यह रही कि इसे “संतुलन (SANTULAN)” के आठ मूल मंत्रों के आधार पर तैयार किया गया है। इन आठ मंत्रों में समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव एवं शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था को केंद्र में रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस संतुलित दृष्टिकोण के माध्यम से राज्य के समग्र विकास और प्रगति की मजबूत परिकल्पना को साकार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बजट के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना है। इसी सोच के तहत विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं और परियोजनाओं के लिए व्यापक बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
समावेशी विकास पर जोर
संतुलन के पहले अक्षर S (समावेशी विकास) के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए लगभग ₹1327.73 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के लिए ₹600 करोड़ तथा सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के लिए लगभग ₹598.33 करोड़ का बजट रखा गया है।
इसके अलावा ईडब्ल्यूएस आवासों के लिए ₹25 करोड़, राज्य खाद्यान्न योजना के लिए ₹25 करोड़, प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए ₹149.45 करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30 करोड़ की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा
A (आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड) के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, उद्यमिता और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। पशुपालन विभाग की स्वरोजगार योजनाओं के लिए लगभग ₹42.02 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, ट्राउट मछली प्रोत्साहन योजना के लिए ₹39.90 करोड़ तथा उच्च मूल्य के फलों जैसे कीवी और ड्रेगन फ्रूट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹30.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60 करोड़, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ₹75 करोड़, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ₹30 करोड़ तथा स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए ₹25 करोड़ का बजट रखा गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको-टूरिज्म गतिविधियों और गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए भी धनराशि निर्धारित की गई है।
नई सोच और तकनीकी विकास
N (नई सोच) के अंतर्गत शिक्षा, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। संस्कृत पाठशालाओं के लिए ₹28 करोड़, छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए विद्यालयी, उच्च शिक्षा और खेल विभाग में बजट का प्रावधान किया गया है।
राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय स्थापना, “लैब ऑन व्हील्स” योजना, राज्य डेटा सेंटर सुदृढ़ीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के लिए भी महत्वपूर्ण बजट आवंटित किया गया है। साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं को भी प्रोत्साहित किया गया है।
तीव्र विकास के लिए बड़े प्रावधान
T (तीव्र विकास) के अंतर्गत सड़क और परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए ₹1050 करोड़, गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए ₹400 करोड़ और नागरिक उड्डयन विभाग के लिए पूंजीगत मद में ₹52.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए भी ₹25 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
उन्नत गांव और शहरों के विकास पर फोकस
U (उन्नत गांव एवं शहर) के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी विकास के लिए बड़े बजट प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹1642.20 करोड़, शहरी निकायों के लिए ₹1814 करोड़ और पंचायती राज संस्थाओं के लिए ₹1491 करोड़ का बजट रखा गया है।
इसके अलावा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, नगरीय अवस्थापना सुदृढ़ीकरण और आवास विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी पर्याप्त धनराशि निर्धारित की गई है।
लोक सहभागिता और आर्थिक शक्ति
L (लोक सहभागिता) के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी सुदृढ़ीकरण, राज्य डेटा सेंटर और एआई मिशन के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। वहीं A (आर्थिक शक्ति) के तहत रिस्पना-बिंदाल परियोजना, टिहरी रिंग रोड और औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है।
न्यायपूर्ण व्यवस्था को प्राथमिकता
N (न्यायपूर्ण व्यवस्था) के अंतर्गत पुलिस आवास निर्माण के लिए ₹100 करोड़, इंडिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना के लिए ₹10 करोड़ और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा जेलों के निर्माण, कारागारों में आवासीय भवनों के निर्माण, न्यायिक एवं विधिक अकादमी और रेप एवं पोक्सो एक्ट से जुड़े लंबित मामलों के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के संचालन हेतु भी बजट रखा गया है।
सरकार का मानना है कि “संतुलन” मॉडल पर आधारित यह बजट राज्य के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती को नई दिशा देगा।











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