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ऋषिकेश में पकड़े गए ठगी के मामले में कथित बाबा के बाद उत्तराखंड सहित देश के अन्य राज्यों के राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स, न्यायपालिका के लोगों में मची खलबली, पकड़े गए बाबा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से भी बीते शुक्रवार को अपनी पुस्तक का कराया विमोचन


ऋषिकेश,12 जुलाई ।ऋषिकेश कोतवाली पुलिस द्बारा नगर के विख्यात स्वर्णकार की मानसिक रुप से ग्रस्त पत्नी से लाखों रुपए के जेवर ठगी के मामले में कथित बाबा की गिरफ्तार के बाद केंद्र और देश के राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट ओर न्याय पालिका से जुडे लोगों के संबंधों की जानकारी मिलने पर बाबा से सम्बध रखने वाले लोगों मे भी खलबली मच गई है।

यह सब पुलिस की जांच में सामने आया है।  आगे खुलासा किए जाने के लिए पुलिस न्यायालय से पकड़े गए बाबा का रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए बाबा ने यह भी खुलासा किया है कि महाकुंभ के समापन पर स्वयं को एक अखाड़े के विख्यात संत का शिष्य बताकर बाबा ने नेचर विला में लोक कल्याण अनुष्ठान का आयोजन कर महाकुंभ के विधिवत समापन की भी घोषणा की थी। लेकिन अब पुलिस इस कथित बाबा की कुंडली खंगाल रही है।जिसके संबंध हरियाणा से भी जुड़े है।

ज्ञात रहे कि पकड़े गये कथित बाबा को पुलिस ने स्वर्ण व्यापारी की पत्नी के उपचार के नाम पर सम्मोहित कर लाखों रुपए के जेवर और नकदी ठगने के आरोप मेेंं जब पकड़ा तो उसने अपना नाम प्रियवर्त अनिष उर्फ रोबिन खलीफा उर्फ महेंद्र रोड निवासी आजाद नगर मॉडल टाउन पानीपत हरियाणा बताया था। अब तक की जांच में इस कथित योगी के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस हाई प्रोफाइल बाबा ने  इस वर्ष 18 अप्रैल को नेचर विला लाल तप्पड़ में लोक कल्याण अनुष्ठान का आयोजन किया था। स्वयं को हरिद्वार के एक प्रसिद्ध संत का शिष्य बता कर इस व्यक्ति ने इस बात का दावा किया था, कि महाकुंभ के समापन के लिए प्रसिद्ध संत जिनका संबंध हरियाणा से भी है और वर्तमान में एक अखाड़ेे के आचार्य है ने उन्हें अधिकृत किया है। इस अनुष्ठान के लिए इस कथित बाबा ने बकायदा इवेंट प्लानर को आयोजन और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी थी।

अनुष्ठान के रोज अंडमान निकोबार के एक सांसद, सिक्किम की एक महिला आइपीएस, स्वर्ण व्यापारियों और उसकी पत्नी सहित कई बड़े अधिकारियों के इस अनुष्ठान में शामिल होने का भी दावा किया गया था। इस कथित बाबा की लाइफ स्टाइल भी काफी हाई प्रोफाइल है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि नेचर विला में इसने 20 हजार रुपया प्रतिमाह के किराए पर एक बड़ा फ्लैट किराए पर लिया था। इतना ही नहीं इसने अपने एक परिचित के नाम पर आडी कार भी खरीदी थी, जो इसके दिल्ली आवास पर खड़ी है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि ऋषिकेश की महिला से ठगे गए कई कीमती जेवर उसने दिल्ली स्थित अपने आवास में रखे हैं।

 

बाबा से संबद्ध ऊंची पहुंच रखने वाली एक महिला के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से संपर्क कर
पुष्कर सिंह धामी के यहां भी इस कथित बाबा ने अपने संपर्कों के जरिए पहुंच बनाई। यह विमोचन बीती शुक्रवार को उसने मुख्यमंत्री के हाथों अपनी पुस्तक मानस मोती का भी विमोचन कराया था। जिसका फोटो और विवरण इसने अपनी फेसबुक वाल पर भी शेयर किया था। इसके अगले रोज उसने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से भी अपनी पुस्तक का विमोचन कराया था।

पकड़े गए बाबा के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का बाजार है गरम चुनाव में उतरने का दावा करने वाले राजनेताओं के बचे करोड़ों रुपए

कुछ राजनेताओं का कहना है कि इस बाबा द्वारा देश के केंद्रीय मंत्रियों सचिवों पुलिस के आला अधिकारियों के साथ न्यायपालिका में भी अच्छी खासी पैठ रखने वाले लोगों से भी संपर्क साध रखें है जिन्हें आशीर्वाद दिए जाने के चित्र भी सामने आए हैं जो किअनुष्ठान के नाम पर मंत्री बनाने के साथ टिकट दिलवाने का दावा भी करता था जिसके बदले में वह लाखों रुपए लेता था
महिला से लाखों रुपए के जेवर ठगी करने के आरोपित कथित प्रियव्रत अनिमेष के कई केंद्रीय मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स से भी संबंधों की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में हालांकि पुलिस अधिकारी इसे लेकर अभी स्पष्ट कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। पुलिस इस व्यक्ति को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर अन्य जेवर के बरामद की और कुछ और अन्य खुलासे करने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक कई केंद्रीय मंत्रियों से इसके संबंध रहे हैं। अधिकतर को उसने नरेंद्र मोदी सरकार दो में मंत्री बनाने का भी अनुष्ठान करा कर झांसा दिया था।

गिरफ्तारी के वक्त पहने थे ठगी के जेवर

ऋषिकेश के स्वर्ण कारोबारी की पत्नी से जेवर और नगदी ठगने के आरोपित योगी प्रियव्रत को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया था उसने शरीर में कई जेवर धारण किए गए थे। पुलिस उपाधीक्षक डीसी धौंडियाल के मुताबिक करीब पांच लाख रुपए के जेवर उसने धारण किए थे जो सभी ठगी के थे। ठगी की शिकार बनी स्वर्ण व्यापारी की पत्नी के अनुसार वह फेसबुक में एक साध्वी के जरिए बाबा के संपर्क में आई थी पुलिस की जांच में पता चला है कि व्यापारी की पत्नी वर्ष 2018 में फेसबुक के जरिए हरियाणा की एक साध्वी से जुड़ी। इस साध्वी ने फेसबुक के जरिए ही योगी प्रियव्रत अनिमेष से व्यापारी की पत्नी को जोड़ा। बाद में इनका टेलीफोन के जरिए संपर्क हुआ और उसके बाद यह प्रत्यक्ष संपर्क में आए। बाद में इस साध्वी का फेसबुक अकाउंट अचानक बंद हो गया। जांच में यह भी बात सामने आई है कि सिक्किम की एक महिला आइपीएस इस कथित योगी की करीबी है। उसने भी इस महिला से कई मर्तबा बात की।


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