देहरादून 02 मार्च । मुख्यमंत्री आवास में आज पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। पूरे परिसर में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति की छटा बिखरी नजर आई, जहां रंग, संगीत और लोक परंपराओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विविधता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और ऐसे आयोजन हमारी पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोकभाषाओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारी सांस्कृतिक विरासत ही उत्तराखण्ड की पहचान है और इसे सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल और कुमाऊँ की पारंपरिक होली के साथ-साथ जौनसार-बावर और तराई क्षेत्र की लोकधुनों ने वातावरण को पूरी तरह रंगमय बना दिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश की विविध लोक परंपराओं की झलक दिखाई दी।
मुख्यमंत्री आवास में आज होली के रंगों की विशेष बहार देखने को मिली। प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी-अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। एक ओर जौनसारी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत हारूल नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, तो दूसरी ओर कुमाऊँनी होल्यारों की टोली पारंपरिक होली गीतों में मग्न दिखाई दी। पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।
पूर्वाह्न से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोक कलाकारों और संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए मुख्यमंत्री आवास पहुंचती रहीं। ढोल, मंजीरे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। “आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली” और “आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार” जैसे लोकगीतों ने वातावरण को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया।
इस दौरान जो भी समारोह में पहुंचा, वह लोक रंगों में सराबोर नजर आया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव स्पष्ट दिखाई दिया, जो उत्तराखण्ड को सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। मुख्यमंत्री स्वयं भी लोक कलाकारों के साथ रंगों में रंगे और उनके साथ थिरकते नजर आए।
विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लोक संस्कृति को बढ़ावा देने और कलाकारों को मंच प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और समृद्धि को और सुदृढ़ करते हैं।
समारोह में मंत्रीगण, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। पारंपरिक ढंग से एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर रंगों का यह पर्व मनाया गया।












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