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ऋषिकेश में अज्ञात वायरस के चलते 1 सप्ताह के भीतर 80सूअ‌रों ‌‌‌की हुई मौत‌‌, शहर में संक्रमण फैलने का बना अंदेशा ‌‌ प्रशासन ने मांस विक्रेताओं की 8 दुकानों को अग्रिम आदेश तक करवाया बंद मौत का कारण जानने के लिए चिकित्सक ने लैब में ‌भेजे सैंपल


ऋषिकेश, 29 जून । तीर्थ नगरी ऋषिकेश में अज्ञात वायरस के चलते 1 सप्ताह के भीतर लगभग 80सूअरों मौत के बाद जहां सूअर पालकों में रोष उत्पन्न हो गया है, वही क्षेत्र में फैली दुर्गंध के चलते संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा भी बना‌‌ है।

जिसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम, तहसील प्रशासन ने उन 8 दुकानों को अग्रिम आदेश तक ‌बंद करवा दिया है‌ ।जिन पर सूअरों का मीट बेचा जा‌ रहा था। बुधवार को नगर प्रशासन ने क्षेत्र में मरे सूअरों का पोस्टमार्टम कर बीमारी की जांच के लिए सैंपल लैब को भेज दिया है। प्रशासन की ओर से तहसील और नगर निगम की टीम का गठन किया गया है।

टीम ने नगर क्षेत्र में खुली सूअर के मीट बेचने वाली आठ दुकानों को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया है। सूअर के मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। सूअर का मीट खाने से बीमार होने संबंधी अभी कोई मामला सामने नहीं आया है।

ऋषिकेश की बाल्मीकि बस्ती और आइडीपीएल क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग सूअर पालन कर रहे हैं। बीते 1 सप्ताह में नगर तथा आसपास क्षेत्र में पालतू सूअर के मौत की घटनाएं बढ़ने लगे। प्रशासन के मुताबिक बुधवार की सुबह रेलवे स्टेशन के निकट एफसीआई के गोदाम के पास 3 मृतक सूअरों के मिलने के बाद संख्या ‌80 हो गई है। कुछ स्थान पर गाय की भी मौत हुई है मगर, इनकी संख्या सीमित है। मामले की गंभीरता को समझते हुए उप जिला अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने तहसील प्रशासन और नगर निगम की टीम का गठन किया। टीम को नगर तथा क्षेत्र में खुली सूअर के मांस बेचने वाली दुकानों को अग्रिम आदेश तक बंद करने के लिए कहा गया।

मंगलवार को टीम में शामिल राजस्व उपनिरीक्षक सुधीर सैनी, नगर निगम की कर अधीक्षक निशात अंसारी पुलिस कर्मियों के साथ दुकानों का निरीक्षण करने पहुंचे। कर अधीक्षक अंसारी ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती में छह और आइडीपीएल क्षेत्र में दो दुकानों को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया है।

पशु चिकित्सक‌ डॉ अमित वर्मा ने बताया कि अधिकतर सूअर नीले पढ़ चुके हैं। कुछ स्थानों पर गाय भी मरी है, मामला अभी संदिग्ध है। मृत सूअर के मांस और जीवित सूअर के मल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी मौत का सही कारण पता चल पाएगा। अभी तक सूअर का मीट खाने से बीमार होने संबंधी कोई भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इन सूअरों के मरने के बाद उठ रही दुर्गंध के कारण क्षेत्र में संक्रमण फैलने का अंदेशा उत्पन्न हो गया है इसे लेकर नगर निगम द्वारा लगातार दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। आज नगर निगम प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से मृत सुुअर को खड्डा खोद कर उनमें दवाई छिड़क कर दबाया जा रहा है।


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