शुक्रवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मेयर शंभू पासवान ने बताया कि वन सर्वे से प्रभावित क्षेत्र वे 12 ग्रामीण वार्ड हैं जो लगभग छह वर्ष पूर्व नगर पालिका के नगर निगम में अपग्रेड होने के दौरान शामिल किए गए थे।
उन्होंने बताया कि 3 जनवरी को बोर्ड बैठक में कुछ अहम फैसलो पर निर्णय लिया जाएगा। कि वन सर्वे से प्रभावित 12 वार्ड निगम सीमा में शामिल हो, जिसके लिए सीमांकन और दस्तावेजों का संकलन जारी हो उन्होंने लोगों को दिलाया भरोस कि नगर निगम ऋषिकेश प्रशासन इन सभी वार्डों की जनता के साथ खड़ा है।
महापौर शंभू पासवान ने बताया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा हुआ है, इसलिए अफवाहों और भ्रम से बचने की जरूरत है। वन प्रभावित लोगों को राहत दिलाने के लिए ग्रामीण वार्डों के सीमांकन और आवश्यक पत्रावलियों को एकत्रित किया जा रहा है, ताकि कोर्ट द्वारा मांगने पर तुरंत प्रस्तुत किया जा सके। इस मुद्दे पर उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल से भी चर्चा की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि वन प्रभावित वार्डों में सांसद और विधायक निधि से विभिन्न विकास कार्य पहले ही हो चुके हैं और करीब 50 वर्षों से लोग इन क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। मेयर ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें।
एक सवाल के जवाब में मेयर ने कहा कि वन प्रभावित लोगों के हित में नगर निगम स्वयं सक्षम है और यदि कोई समिति चंदा वसूली जैसे कार्य करती पाई गई तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, मौजूद रहे।













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