ऋषिकेश 6 जनवरी। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर पिछले कई वर्षों से लगातार श्री गंगा सभा द्वारा आरती का आयोजन किया जाता रहा है। और आरती के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के द्वारा दिया गया दान और चंदा भी लेती आई है। जिसको लेकर शिकायतकर्ता द्वारा एक शिकायत श्री गंगा सभा के रजिस्ट्रेशन और आय व्यय के ब्यौरे को लेकर नगर निगम प्रशासन ऋषिकेश से की गई थी। जिस पर नगर निगम प्रशासन ने श्रीगंगा सभा को एक नोटिस दिया गया था। जिसके जवाब में श्री गंगा सभा ऋषिकेश द्वारा बताया गया कि वर्तमान में उनका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है । जो कि पुराने रजिस्ट्रेशन को जनवरी 2021 के बाद अभी तक नवीनीकरण नहीं किया गया है। श्री गंगा सभा ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए दान चंदे की धनराशि से त्रिवेणी घाट की साफ सफाई व्यवस्था भी की जाती है।
जबकि नगर निगम प्रशासन की ओर से बताया गया कि वर्तमान में नगर निगम त्रिवेणी घाट की साफ सफाई की व्यवस्था पर करीब ₹900000 के धनराशि अपने स्तर से प्रतिमाह खर्च करती है
नगर निगम ऋषिकेश की 3 जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया था। जिसमें श्री गंगा सभा को एक सप्ताह के अंदर घाट संपत्ति पुराने स्वरूप में नगर निगम ऋषिकेश को हस्तांतरित करने को कहा गया है।आरती व्यवस्था जैसे धार्मिक कार्यक्रम के लिए निगम ने सभा को जरूरी कदम उठाने को कहा है। जिसमें नगर निगम की ओर से सभा को दी गई अनुमति निरस्त किए जाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया। प्रस्ताव के अनुपालन के तहत कहा गया कि एक सप्ताह के अंदर सभा हस्तांतरित सभी घाट संपत्ति उसी स्वरूप में नगर निगम को लौटाए। त्रिवेणी घाट पर संचालित समस्त कार्यक्रम, जिसमें आरती व्यवस्था आदि शामिल है उसे पत्र मिलने की तारीख से दो साप्ताह तक जब तक नगर निगम की ओर से समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं न की जाएं पूर्व की तरह पूरे विधि विधानों के अनुरूप नगर निगम के निर्देशन में संपन्न की जाएगी।
इस संबंध में नगर निगम के नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा कि श्री गंगा सभा के खातों में काफी धनराशि जमा है सभा का पंजीकरण न होने के चलते उनके दुरुपयोग की आशंका बोर्ड ने जाहिर की। बिना पंजीकरण चल रही संस्था को दी गई अनुमति को निरस्त करने का फैसला बोर्ड की बैठक में स्वीकृति के बाद लिया गया है।
जबकि श्री गंगा सभा ऋषिकेश के महामंत्री राहुल शर्मा ने बताया कि
पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है जो कि रजिस्ट्रार कार्यालय में गतिमान है। जो कमियां बताई गई है उन्हें दूर करने का कार्य भी किया जा रहा है













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