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धुमाकोट तहसील में प्रशासनिक समीक्षा बैठक: जिलाधिकारी द्वारा गांव भ्रमण, निरीक्षण और जवाबदेही के निर्देश


पौड़ी 12 जनवरी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दूरस्थ क्षेत्र धुमाकोट पहुंचकर तहसील सभागार में राजस्व विभाग और वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन की उपस्थिति केवल कार्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों तक पहुंचे और आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षकों से कहा कि पटवारी चौकी के साथ-साथ नियमित रूप से गांवों में भ्रमण करें। आपदा से हुई क्षति का आकलन कर संबंधित विभागों को समय पर जानकारी दें। उन्होंने राजस्व से जुड़े सभी पोर्टल अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि पटवारी चौकी और गांव भ्रमण की तिथियां निर्धारित कर उन्हें सार्वजनिक रूप से पटवारी चौकी के बाहर चस्पा करें। साथ ही खंड विकास अधिकारी को भी संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी का नाम और संपर्क विवरण भी चस्पा करें, ताकि ग्रामीणों को समस्या के समाधान के लिए सीधे संबंधित अधिकारी की जानकारी मिल सके। उन्होंने उपजिलाधिकारी को कहा कि जिन पटवारी चौकियों में मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें चिन्हित करें। जिससे समय पर कार्य किया जा सके।

जिलाधिकारी ने खसरा–खतौनी, निर्वाचन के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और बीएलओ से कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्थायी निवास, आय प्रमाणपत्र, मुख्यमंत्री घोषणा, सीएम हेल्पलाइन, किसान सम्मान निधि, अतिक्रमण, आपदा क्षति और अवैध खनन की भी समीक्षा की। उन्हें राहतकोष के चेक वितरण की स्थिति को जानकारी भी ली। उन्होंने किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों का केवाईसी शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में चल रहे बड़े विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण करें और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्माण एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य राशन दुकानों के निरीक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए कि जहां गुणवत्ता के अनुरूप राशन वितरण नहीं हो रहा है, वहां जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके अलावा अतिक्रमण पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर कहीं भी अतिक्रमण होने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी लोगों के सत्यापन आवश्यक कराएं। उन्होंने प्रमाण पत्रों के समयबद्ध निस्तारण और राजस्व वादों के शीघ्र निपटारे के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए।

जिलाधिकारी ने जन-जन की सरकार अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए उपजिलाधिकारी को सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल आपूर्ति से संबंधित पाइप लाइनों को आवश्यकतानुसार भूमिगत किए जाने, समस्त विकास कार्यों का अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन करने तथा थर्ड पार्टी सत्यापन में यदि कोई कार्य अपूर्ण या मानक के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो संबंधितों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सीएचसी, पीएचसी, विद्यालयों, अस्पतालों एवं उचित दर दुकानों का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने को कहा।

जंगली जानवरों की बढ़ती घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी ने वन विभाग और राजस्व कर्मियों से क्षेत्रवार जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जहां गुलदार की अधिक सक्रियता है, वहां लोगों को जागरूक किया जाए और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने जंगली जानवरों से हुई घटनाओं की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी को वन विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा, ताकि किसी भी घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को मिल सके।

उन्होंने डीएफओ गढ़वाल से सोलर लाइट और फाॅक्स लाइट की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लाइट लगाने और नियमित गश्त के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व और वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने तथा जंगली जानवरों की घटनाओं की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी धुमाकोट श्रेष्ठ गुनसोला सहित राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


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