टिहरी डैम से पानी छोड़े जाने की आपदा स्थिति को लेकर ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट व चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में चला रेस्क्यू अभियान


ऋषिकेश 11 मार्च । टिहरी डैम से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से बुधवार को कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र के त्रिवेणी घाट और चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इस दौरान विभिन्न विभागों की टीमों ने आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।मॉक ड्रिल के दौरान उपजिलाधिकारी ऋषिकेश, क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश तथा कोतवाली ऋषिकेश के वरिष्ठ उपनिरीक्षक के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल, अग्निशमन विभाग, आपदा राहत दल, जल पुलिस, पशुपालन विभाग, खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और परिवहन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं।

अभ्यास के तहत यह परिकल्पना की गई कि टिहरी डैम से अचानक अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति में संबंधित विभागों की टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नदी किनारे रह रहे लोगों और घाटों पर मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
मॉक ड्रिल के दौरान गंगा नदी में बह रहे दो व्यक्तियों को जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। वहीं नदी के बीच बने टापू पर फंसे कुछ लोगों को भी संयुक्त टीम द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना है। ड्रिल के माध्यम से सभी विभागों ने अपनी तैयारियों का आकलन किया और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया।
प्रशासन ने आमजन से अपील की कि गंगा किनारे जाते समय सावधानी बरतें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा


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