ऋषिकेश 19 जून। गंगा नदी में अलग-अलग स्थानों पर डूबे तीन लापता व्यक्तियों के शव राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एस डी आर एफ) ने पशुलोक बैराज से बरामद किए हैं। एस डी आर एफ द्वारा पिछले कई दिनों से चलाए जा रहे सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान यह सफलता मिली।
एस डी आर एफ की विशेषज्ञ टीम गंगा नदी में डूबे व्यक्तियों की तलाश के लिए घटनास्थलों से लेकर संभावित क्षेत्रों में डीप डाइवर्स और आधुनिक उपकरणों की सहायता से लगातार खोजबीन कर रही थी। शुक्रवार को सर्च अभियान के दौरान पशुलोक बैराज के चैनल में तीन शव दिखाई दिए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैराज की चैन मशीन की मदद से शवों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया गया। पहचान होने पर शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
बरामद शवों की पहचान शैलेंद्र महावर (30 वर्ष), निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश, शौर्य नागर (20 वर्ष), निवासी गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश तथा मनीष आर्य, निवासी उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में हुई। शैलेंद्र महावर फूलचट्टी क्षेत्र, शौर्य नागर तपोवन स्थित साईं घाट तथा मनीष आर्य चंद्रेश्वर घाट पर हुई डूबने की घटनाओं में लापता थे।
स्थानीय पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एस डी आर एफ ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। नदी के अनजान, प्रतिबंधित या असुरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। गंगा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
बल ने लोगों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा स्नान के दौरान पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। एस डी आर एफ ने कहा कि जनसुरक्षा के लिए टीम 24 घंटे तत्पर है, लेकिन सतर्कता और सुरक्षित व्यवहार ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।
















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