देहरादून 12 सितंबर। उत्तराखंड में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की साल-दर-साल बढ़ती संख्या के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। चारधाम यात्रा और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। आवास विभाग ने पिछले चार वर्षों में 63 पार्किंग परियोजनाओं के माध्यम से 4202 वाहनों की क्षमता विकसित की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आवास विभाग पर्वतीय जनपदों के प्रमुख शहरों, तीर्थस्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग नेटवर्क मजबूत करने में जुटा है। स्थान की उपलब्धता और जरूरत के अनुसार सरफेस पार्किंग, बहुमंजिला पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण कराया गया है। इससे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने की समस्या कम होने के साथ ही यातायात व्यवस्था में भी सुधार हुआ है।
नैनीताल में 700 वाहनों की पार्किंग
सरकार ने सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण शुरू किया है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां करीब 700 वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इससे पर्यटन सीजन में शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
कैंची धाम में 500 से अधिक वाहनों की सुविधा
प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। तैयार होने के बाद इसमें एक समय में 500 से अधिक वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। इससे कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ा पार्किंग नेटवर्क
सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने से पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम हुई है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार पार्किंग सुविधाओं का विस्तार आगे भी जारी रखा जाएगा। इससे चारधाम यात्रा समेत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थस्थलों पर यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।













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