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हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग में फंसे 179 लोगों की सुरक्षित वापसी को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संभाली कमान, उत्तरकाशी में 136 ट्रेकर्स में से 40 का रेस्क्यू, 40 ने लौटने से किया इनकार; आठ हेलीकॉप्टर तैनात


देहरादून 28 सितंबर।  दिल्ली प्रवास से लौटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की अद्यतन जानकारी लेते हुए फंसे प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी और 43 लोग बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में फंसे थे।
मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में चल रहे रेस्क्यू अभियान की विशेष रूप से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि वहां फंसे 136 लोगों में से 40 को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मौसम एवं परिस्थितियों के अनुकूल होते ही रेस्क्यू अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान में ट्रेकर्स, माउंटेनियर्स और पोर्टर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने के साथ आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
आठ हेलीकॉप्टर तैनात, हेली एंबुलेंस स्टैंडबाय
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल आठ हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता के अनुसार हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग करने तथा हेली एंबुलेंस को स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी ट्रेकर या माउंटेनियर को चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी फोन पर बात कर रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम एवं परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान पुनः शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू टीमों को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने तथा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम एवं यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उन्हें लगातार बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चारधाम सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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