पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुए मुख्यमंत्री धामी, खटीमा में 877 लाख की सैन्य सुविधाओं का लोकार्पण गौरव सैनिक सम्मान समारोह में 60 वीर नारियों और 80 वीर योद्धाओं का हुआ सम्मान


खटीमा 9 अप्रैल। सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन की ओर से स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में गौरव सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन तथा 162.26 लाख रुपये की लागत से बने सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि देकर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों और वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में 60 वीर नारियों और 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन उनके लिए अत्यंत भावुक है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में किया गया है। उन्होंने कहा कि छह वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उनके पिता के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पिता अपनी वर्दी को बेहद सम्मान और सलीके से रखते थे और उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद पाने का माध्यम नहीं बल्कि जनसेवा का मार्ग है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी ने महार रेजिमेंट में 28 वर्षों तक सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध, ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। बचपन में वे अपने पिता से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली।
उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का रक्षा क्षेत्र लगातार मजबूत हुआ है। वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है और आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
उन्होंने बताया कि परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अलावा देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार ने बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय सीमा भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गर्व की बात है और राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  प्रदीप बत्रा,  राम सिंह कैड़ा, मुख्यमंत्री की माताजी विशना देवी, धर्मपत्नी  गीता पुष्कर धामी, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित रहे।


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