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प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों में संसाधनों की कमी नहीं बनेगी बाधा: पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ, पहले चरण में 11 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग


देहरादून 7 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास जरूरी है। पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक कठिनाइयों और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। सरकार ने तय किया है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, उन्हें केवल सही दिशा और समान अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के लिए प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। राज्य सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन भी बढ़ा है और कई युवा गांव लौटकर कृषि, बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े व्यवसाय शुरू कर रहे हैं।
धामी ने कहा कि प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को जाना जा रहा है। युवाओं से जुड़े विषयों और उनकी आकांक्षाओं पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए प्रदेश में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि युवा केवल योजनाओं के लाभार्थी न रहें, बल्कि प्रदेश की नीति और विकास की दिशा तय करने में भी भागीदार बनें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के बीच जाकर उनसे संवाद किया और उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भविष्य के लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने योजना को प्रदेश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग एवं मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है और ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर व्यक्तिगत ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, नियमित संवाद और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सहयोग उनकी तैयारी एवं आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


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