सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक परीक्षा परिणाम हुआ घोषित -10 मेधावी बच्चों को किया सम्मानित


ऋषिकेश ,09 अप्रैल । सरस्वती शिशु मंदिर तथा विद्या मंदिर द्वारा दी जा रही देश- व प्रदेश में भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षा ही नहीं अपितु संस्कार भी है। जिसके कारण विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है। जिसके चलते विद्यालयों के प्रति अभिभावकों में विश्वास भी बढ़ा है।  आज नगर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर मैं उत्तराखंड पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य स्वामी कृष्णाचार्य की अध्यक्षता में आयोजित विद्यालय के वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने  उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर तथा विद्या मंदिर ही एक ऐसी शिक्षण संस्था है ।जो कि शिक्षा के साथ संस्कार भी दे रही है।  वार्षिक परीक्षाफल छात्र के जीवन का महत्वपूर्ण आंकलन होता है, इससे छात्र को जहां एक ओर अपनी मेहनत की समीक्षा करनी होती है, वहीँ अध्यापकगण यह समझ पाते हैं कि सम्बंधित छात्र को किस विषय में कितनी मेहनत करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के कारण जहां आज देश भर में भोगवादी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीँ सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिरों के माध्यम से संस्कार एवं चरित्र पर आधारित शिक्षा दी जाती है, जो मनुष्य को परिवार, समाज एवं देश के साथ आत्मीयता के भाव से जोडती है।

इस दौरान उन्होंने विद्यालय में कक्षा में शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले 10 मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, आदर्श नगर एवं सरस्वती विद्या मंदिर, आवास विकास में भवन निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया वही सभी बच्चों को नई कक्षा में प्रवेश पाने पर अपनी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, आदर्श नगर स्कूल के भवन निर्माण के लिए 5 लाख रुपये एवं सरस्वती विद्या मंदिर, आवास विकास के स्कूल में भवन निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वार्षिक परीक्षाफल छात्र के जीवन का महत्वपूर्ण आंकलन होता है, इससे छात्र को जहां एक ओर अपनी मेहनत की समीक्षा करनी होती है, वहीँ अध्यापकगण यह समझ पाते हैं कि सम्बंधित छात्र को किस विषय में कितनी मेहनत करवाई जाए।
इस अवसर पर कृष्ण आचार्य जी महाराज, हरगोपाल अग्रवाल, दीपक तायल, विनोद रावत, प्रधानाचार्य शीशु पाल सिंह रावत, नगर निगम पार्षद संजीव पाल, शैलेंद्र अग्रवाल, अमरीश गर्ग, टीवीएस रावत, कपिल गुप्ता, गिरीश चंद, पुरुषोत्तम सहित अन्य लोग उपस्थित थें।

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