रुद्राक्ष वाले बाबा की 2 दिन बाद कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर संत झूठी रिपोर्ट को लेकर उत्तराखंड सरकार के विरुद्ध जाएंगे न्यायालय


ऋषिकेश, 15 अप्रैल । महाकुंभ 2021 के दौरान ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर षड दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले त्रिवेणी के संगम पर तमाम अखाड़ों के नागा साधुओं द्वारा किए गए स्नान के उपरांत झज्जर हरियाणा से आए रुद्राक्ष वाले बाबा के कोरोना टेस्ट के दौरान पॉजिटिव पाए जाने के बाद भेजे गए एकांतवास के चलते जहां संतों में खलबली मच गई थी और उन्होंने हरिद्वार के मुख्य स्नान के दौरान अपने को से अलग कर लिया था ।परंतु गुरुवार को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। पॉजिटिव रिपोर्ट किए जाने से नाराज गीत आनंद लें उत्तराखंड सरकार के विरुद्ध न्यायालय मेंं दस्तक किए जाने की दी चेतावनी ।

संत की कोरोनावायरस रिपोर्ट नेगेटिव सेे पॉजिटिव किये जाने पर तीर्थ नगरी के संत समाज ने स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। यहां बताते चलें कि 13 अप्रैल वैशाखी के पर्व पर जहां त्रिवेणी घाट में साधु संतों के साथ हरियाणा के झज्जर से रुद्राक्ष वाले गीतानंद गिरी महाराज स्नान करने के लिए आए थे। और उन्होंने गंगा स्नान भी किया था इस दौरान सभी अधिकारी भी वहां मौजूद थे इस बीच गीतानंद ने त्रिवेणी घाट में स्थित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गीतानंद गिरी महाराज का रैपिड टेस्ट किया। रैपिड टेस्ट में गीतानंद गिरी महाराज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से गीतानंद गिरी महाराज के साथ स्नान करने आए चार संतों को भी प्रशासन के आदेश पर होम कोरोनटाईन होना पड़ा। अगले दिन 14 अप्रैल को जब गीतानंद गिरि महाराज का दूसरा टेस्ट किया गया, तो उनका कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया। जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। लेकिन यहां बड़ा सवाल यह है कि गीतानंद गिरी महाराज के पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके साथ संत होम क्वॉरेंटाइन होने के कारण 14 अप्रैल के कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार नहीं जा पाए। महंत भूपेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि उन्हें 14 अप्रैल को कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार जाना था। कुंभ का यह सबसे बड़ा स्नान था, लेकिन गीतानंद गिरी कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण उन्हें अपने आश्रम पर ही रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को अपनी कोरोनावायरस जांच रिपोर्ट सेवा सही करनी चाहिए। ताकि कोरोनावायरस का सही पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस तरह की रिपोर्ट के कारण शासन प्रशासन को भी भारी दिक्कतोंं का सामना करना पड़ता है।उधर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि रैपिड टेस्ट कोरोनावायरस का सही पता नहीं चल पाता है। कई बार एक व्यक्ति नेगेटिव दूसरी बार पॉजिटिव मिल जाता है । इस रिपोर्ट के आने के बाद गीतानंद कहां है कि वह हरियाणा से उत्तराखंड सरकार के विरूद्ध मुकदमा करेंगे क्योंकि उन्हें इस रिपोर्ट से बड़ा धक्का लगा है कुंभ के दौरान उनके द्वारा हरिद्वार में बड़ा भंडारा भी आयोजित किया गया था जो कि लगातार 15 दिनों से चल रहा था। जो कि रिपोर्ट मिलने के बाद अपने सभी शिष्यों के हाथ हरियाणा लौट गए हैं।

 

 

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