विश्व विख्यात सिखों के धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले पहले जत्थे को दिखाई राज्यपाल ,मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में हरी झंडी विश्व में हेमकुंड साहिब की यात्रा का अपना अलग महत्व है,- गुरमीत सिंह 84 के दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर मलहम लगाने का कार्य भी भाजपा की सरकार ने ही किया है -पुष्कर सिंह धामी


ऋषिकेश 17 मई‌‌ । आगामी 20 मई से प्रारंभ होने वाली विश्व विख्यात सिखों के धाम श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के पहले जत्थे को प्रदेश के राज्यपाल पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, क्षेत्रीय विधायक शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर निगम महापौर अनीता ममगांई , परमार्थ निकेतन के प्रमाणिक स्वामी चिदानंद मुनि ,ने हरी झंडी दिखाकर हेमकुंड साहिब के लिए बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के उद्घोष के साथ रवाना किया।

बुधवार की दोपहर ऋषिकेश लक्ष्मण झूला मार्ग पर स्थित हेमकुंड गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पहले सभी मुख्य अतिथियों ने शब्दवाणी में प्रतिभाग किया। इससे पूर्व सभी अतिथियों ने अजायबघर में शहीदों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उसके उपरांत हरी झंडी दिखाई ।इस दौरान प्रदेश के राज्यपाल पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि सिख समाज का इतिहास बड़ा ही क्रांतिकारी रहा है, हेमकुंड साहिब की यात्रा का अपना अलग महत्व है, जहां गुरु गोविंद सिंह ने कई वर्षों तक तपस्या की है, इसके बाद यह पवित्र स्थान बन गया। जिसके बनाने के लिए कई महान हस्तियों ने काफी मेहनत की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सोच मानवता को आगे ले जाने की रही है, जिसके चलते आज यात्रा को सुगम बनाने में काफी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि आज भारत की सीमाओं पर भी उन्हीं की सोच के कारण सेना का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सिख समाज के पंच प्यारे और निशान साहिब भारत में सिख समाज की मानवता का नेतृत्व भी करते हैं, जिनके माध्यम से एक एक व्यक्ति को सवा लाख का दर्जा उपलब्ध है। यह यात्रा मनुष्य के जीवन को तारने की यात्रा है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है, कि हेमकुंड जाने वाले किसी भी श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का यात्रा के दौरान सामना न करना पड़े, उन्होंने कहा कि विगत 22 अप्रैल से चार धाम यात्रा प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष चार धाम यात्रा के लिए 50लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया था ,इस बार सरकार के सामने चुनौती है ।कि यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाए, उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा के दौरान बड़ी मात्रा में चार धामों में बर्फ पड़ रही है ,जो कि सरकार के सामने चुनौती है। लेकिन उसके बावजूद भी यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का उत्साह कम नहीं दिख रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है, कि वह मौसम का हाल जानने के बाद ही अपनी यात्रा की शुरुआत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी भी यात्री को यात्रा के दौरान परेशानी होगी, तो उन्हें ऐसा लगता है कि यह उनके मुख्य सेवक को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब की यात्रा भी काफी कष्टदायक है, उसके बावजूद सरकार यात्रा को सुगम बनाने के लिए अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रही है। धामी ने हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद अर्पित किया ,जिनके माध्यम से गोविंदघाट से हेमकुंड तक रोड का निर्माण किया जा रहा है। जिसके माध्यम से बुजुर्ग भी आसानी से यात्रा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन, और ऑल वेदर रोड का का काम भी तेजी के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा कि सिख समाज ने आताताईयो के जुर्मो को भी सहन किया है, उनका कहना था कि 1984 के दंगे में शहीद हुए लोगों को राहत दिलाए जाने का कार्य भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ही किया है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो सत्ता में रहे उन्होंने सिख समाज के उत्थान के लिए कोई भी कार्य नहीं किया है। उत्तराखंड कि धरती देवताओं की धरती है जहां सभी देवताओं ने तप किया है,इस दौरान गुरुद्वारे में आसपास के क्षेत्रों के सभी गुरुद्वारों के अध्यक्षों ने सभी मुख्य अतिथियों को सरोपा भेंट कर सम्मानित भी किया ।

इस अवसर पर महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, कांग्रेसी नेता जयेंद्र रमोला, मदन मोहन शर्मा, सरदार गोविंद सिंह, बूटा सिंह, नगर निगम पार्षद गुरविंदर सिंह, प्रतिक कालिया ,सरदार गोल्डी , बलजीत सिंह सोनी,पंकज शर्मा, राजपाल सिंह ठाकुर,परमजीत सिंह, के साथ बड़ी संख्या में सात संगत भी उपस्थित थीं।

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