ऋषिकेश नगर निगम द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कराया मुकदमा दर्ज, कूड़े कचरे के पहाड़ को हटाए जाने की निगम की कवायद के चलते कार्य में बाधा उत्पन्न करने का था आरोप


ऋषिकेश ,10 जुलाई‌ । नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने लालपानी बीट में आई एस डब्ल्यू एम प्लांट के लिए निगम को वन एवं जलवायु पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आवंटित की गई, भूमि पर की जा रही कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में कोतवाली पुलिस में अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।

नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश उनियाल की ओर से दी गई कोतवाली में तहरीर में कहा गया है, कि शनिवार की दोपहर निगम अधिकारियों के साथ वह लाल पानी बीट में तार बाढ़ का निर्माण करने गए थे, जहां मौके पर कुछ लोगों ने कार्य में बाधा डालते ‌‌‌‌हुए उनके सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त किए जाने के साथ उन्हें जान माल का नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया ।‌‌इस मामले मे‌ घटना को लेकर साक्ष्यों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक खुशीराम पांडे ने बताया कि पूर्व में भी निगम की ओर से अज्ञात लोगों के विरूद्ध शिकायती पत्र दिया गया था ,जिसके आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है ।

उन्होंने बताया कि अधिशासी अभियंता उनियाल द्वारा आरोप लगाया गया, कि उक्त लोगों में से एक व्यक्ति पूर्व में भी नगर निगम के कार्य में बाधा उत्पन्न कर चुका है। जिस पर वन विभाग की भूमि कब्जा किए जाने का प्रयास करने और पेड़ों को काटने के आरोप में भी कार्रवाई की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने लाल पानी बीट में नगर निगम के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने को लेकर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। इसी मामले में नगर निगम की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद निगम ने दूसरी शिकायत की‌‌ है, जिसमें कुछ लोगों के नाम खोले गए हैं।

शिकायती पत्र को जांच में शामिल कर कार्रवाई की जाने की तैयारी की जा रही है।यहां यह भी बताते चलें, कि ऋषिकेश में हरिद्वार मार्ग पर स्थित गोविंद नगर के एक भूखंड पर पिछले कई वर्षों से डाले जा रहे कूड़े कचरे के कारण पहाड़ खड़ा हो गया है। जिसे हटाए जाने की निगम की कवायद के चलते वन विभाग द्वारा निगम को लाल पानी में उक्त भूखंड उपलब्ध करवाया गया है। जिस पर निगम द्वारा अपनी भूमि पर तार बाढ‌ लगाए जाने की कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। लेकिन स्थानीय नागरिक इस कार्यवाही का‌ विरोध कर रहे हैं, जिसे लेकर निगम का कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन भी निगम के कार्य को धरातल पर उतारे जाने के लिए कई दौर की बातचीत विरोध कर रहे ,नागरिकों से कर चुका है। उसके बावजूद भी विरोध जारी है ।

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