नरेंद्र नगर के राज महल में निकाला गया ,भगवान बद्री विशाल के लेपन व ज्योति जलाने में उपयोग किए जाने वाला तिल तेल


18 मई को भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने के बाद किया जाएगा , तिल तेल का उपयोग – हरिश गोड़

ऋषिकेश, 29 अप्रैल । विश्व विख्यात भगवान बद्रीनाथ मंदिर के 18 मई को खुलने वाले श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ कपाट की प्रक्रिया के चलते आज नरेंद्र नगर स्थित राज महल में सुहागिन महिलाओं द्वारा पीले वस्त्र धारण कर कोविड-19 का पालन करते हुए तिलों के तेल की पिराई कर, गाडू घड़े को बद्रीनाथ धाम के लिए पूजा अर्चना के बाद विधि विधान से रवाना कर दिया गया है। यह जानकारी बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति तथा देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रचार अधिकारी हरीश गोड़ ने देते हुए बताया कि नरेंद्र नगर स्थित राज महल में सुहागिन महिलाओं द्वारा पीले वस्त्र धारण कर भगवान बद्री विशाल की ज्योति में जलने व लेपन में उपयोग किए जाने वाले, तील तेल को पूजा अर्चना के साथ विधि विधान से टिहरी सांसद महारानी राज्य लक्ष्मी शाह व पंडित शिवानंद जोशी के संचालन में निकाला गया। जिसके बाद तिल तेल के गाडू घड़े को डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। जो कि उक्त गाडू घड़े को आगामी 17 मई की शाम को लेकर बद्रीनाथ धाम पहुंचेंगे ,इससे पहले यह घड़ा डिमर गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में पहुंचेगा।

इस तेल गाडू घड़े को राज महल में डिमरी पंचायत के प्रतिनिधि पंकज डिमरी,नरेश डिमरी, दिनेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, अंकित एवं अरविंद डिमरी को सौंपा गया। यह सभी लोग बुधवार की शाम को ही तेलकलश को लेने के लिए नरेन्द्रनगर पहुंच गए थे । जिसका उपयोग 18 मई प्रात: 4.15 बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मंदिर में किया जाएगा । हरिश तिवारी ने बताया कि इस वर्ष कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन में तेल कलश यात्रा जोकि नरेंद्र नगर के बाद ऋषिकेश से नगर होते हुए डिमरगांव पहुंचती थी ,को स्थगित कर दिया गया है ।जो कि अब सादगी पूर्ण तरीके से डिमर गांव पहुंचेगा।

 

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