ऋषिकेश,22 अगस्त । जयराम आश्रम महाविद्यालय में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर 40 नए प्रवेशी ऋषि कुमारों का उपनयन संस्कार विधि विधान से कराया गया। जिसके अंतर्गत नए और पुराने 60 छात्र संस्कार में शामिल हुए। प्रधानाचार्य पंडित मायाराम रतूड़ी शास्त्री के सानिध्य में सभी कार्यक्रम संपन्न हुए। त्रिवेणी घाट पर सभी ने हिमाद्रि स्नान भी किया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री जयराम आश्रम महाविद्यालय के संचालक ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि श्रावणी पर्व समस्त ब्राह्मणों का एक मात्र त्यौहार है। इस दिन यज्ञोपवीत संस्कार किया जाता है। वर्ष भर के लिए यज्ञोपवीत सूत्रों का शास्त्रोक्त विधान से पूजन होता है। वर्ष भर में सूतक पातक के कारण जब यज्ञोपवीत बदलते हैं तो इस स्थिति में नया यज्ञोपवीत चाहिए होता हैं।
इसलिए यज्ञोपवीत धारी हर ब्राह्मण आज श्रावणी के दिन कम से कम 21 यज्ञोपवीत सूत्रों का शुद्धिकरण कर पूजास्थल पर रख लेते हैं। श्रावणी पर्व व रक्षाबंधन पर्व हमेशा श्रावण मास के अंतिम दिन ही मनाए जाते हैं।

















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