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शीशम झाड़ी में नवनिर्मित विहंगम योग इंटरनेशनल सेंटर व विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज की मूर्ति का अनावरण पंकज मोदी ने स्वस्तिवाचन के मंत्रों के उच्चारण के बीच किया, -योग भारतीय संस्कृति का प्राण है, जो परिवारों में बढ़ रहे तनाव को दूर करने का कार्य भी करता है- विज्ञान देव


 

शीशम झाड़ी में नवनिर्मित विहंगम योग इंटरनेशनल सेंटर व विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज की मूर्ति का अनावरण पंकज मोदी ने स्वस्तिवाचन के मंत्रों के उच्चारण के बीच किया गया

-योग भारतीय संस्कृति का प्राण है, जो परिवारों में बढ़ रहे तनाव को दूर करने का कार्य भी करता है- विज्ञान देव

ऋषिकेश, 15 नवम्बर। कैलाश गेट स्थित शीशम झाड़ी मैं नवनिर्मित विहंगम योग इंटरनेशनल सेंटर मैं स्थापित विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज की मूर्ति का अनावरण और आश्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री के छोटे भाई पंकज मोदी द्वारा एक समारोह के दौरान संस्कृत के छात्रों द्वारा स्वस्तिवाचन के मंत्रों के उच्चारण के बीच किया।

सोमवार को इस अवसर पर आश्रम के संत परवर विज्ञान देव जी महाराज ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के हिमालय को भारत के मुकुट के रूप में जाना जाता है, यहां से गंगा निकली जो कि दुनिया के लोगों को शांति का संदेश दे रही है। जहां से योग की गंगा भी निकली है जो कि भारतीय संस्कृति का प्राण है, क्योंकि परिवारों में बढ़ गई तनाव जैसी विसंगतियों को दूर करने का कार्य भी करता है ।

निरंतर योग करने से मनुष्य का तनाव भी कम होता है योग व्यायाम ही नहीं अपितु मनुष्य को शांति की ओर ले जाए जाने का मार्ग भी है। उन्होंने कहा कि ध्यान काम मोक्ष ही भारतीय संस्कृति की पहचान है। जिसे देखते हुए ऋषिकेश में विहंगम योग सेंटर का भी प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि मनुष्य को अपने जीवन काल में रक्तदान करना चाहिए जो कि मनुष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है एक यूनिट रक्तदान किए जाने से तीन चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

क्योंकि मनुष्य का दुर्घटना के दौरान अत्यधिक रक्त बह जाता है जिसकी अकाल मौत को रक्त दान किए जाने से ही बचा जा सकता है उन्होंने बताया कि उनकी संस्था द्वारा लोगों को रक्तदान किए जाने के लिए प्रेरणा दिए जाने के साथ शिविर भी लगाती है ।इसी के साथ गायों की सुरक्षा के लिए भी अनेकों स्थानों पर देसी गौशालाओं का निर्माण किया गया है।

इसी श्रंखला में उत्तराखंड में देसी गउओं की सुरक्षा के लिए विशाल गौशाला का निर्माण किया जाएगा। जिसमें उत्पन्न होने वाले दुध को निराश्रित लोगों को वितरत किया जाता है । उन्होंने पर्यावरण के असंतुलित होने के लिए वृक्षारोपण किए जाने का भी आह्वान किया है। इस दौरान राम वृक्ष दास भारत भूषण दास भी उपस्थित थे।


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